व्यंग्य पर 13 किताबें लिख चुके हैं अरविंद, राज्यपाल से मिला है सम्मान
शिकोहाबाद निवासी अरविंद तिवारी डायट प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। किंतु हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए शुरू से ही जुटे हैं। अरविंद तिवारी ने व्यंग की 13 पुस्तकें लिखीं हैं। एक किताब तो नेशनल बुक ट्रस्ट की ओर से प्रकाशित हुई है।
उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान का श्रीनारायण चतुर्वेदी पुरस्कार व्यंग सम्मान दो लाख रुपये के रूप में मिला था। राज्यपाल विष्णुकांत शास्त्री भी सम्मानित कर चुके हैं। देश के 100 शीर्ष रचनाकारों में अरविंद तिवारी का दो साल से नाम शामिल हो रहा है। वह कहते हैं हिंदी मातृभाषा है। इससे सम्मान इतना मिलता है कि हर रोज हिंदी विषय को समय देता हूं।