मूल्यांकन पर जोर दें शिक्षक
विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक ने औटा के पदाधिकारियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उड़नदस्ते और संबद्धता के लिए कॉलेजों में जाने के बजाय शिक्षक परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन पर जोर दें तो बेहतर होगा। पेपर लीक से जुड़े अछनेरा के कॉलेज की संबद्धता के लिए पैनल निरीक्षण में गए शिक्षकों पर भी सवाल खड़ा किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षक पहले तो सवाल खड़ा करते हैं फिर सेंटर बनवाने के लिए स्लिप पकड़ा देते हैं। शिक्षकों को पूरी क्लास लेने, पेटेंट फाइल कराने, विवि व कॉलेज के ग्रेड बढ़ाने, नई तकनीकी से जुड़ने पर जोर देना चाहिए। विश्वविद्यालय अच्छे शिक्षक और विद्यार्थियों से चलता है। अच्छे विद्यार्थियों का पलायन रोकने के लिए प्रयास करने होंगे।
औटा ने मांगपत्र सौंपा
औटा ने उच्च शिक्षामंत्री को मांगपत्र सौंपा। प्रोफेसर पदनाम की अर्हता शिथिल करते हुए समयबद्ध किए जाने, पुरानी पेंशन बहाल करने, शिक्षकों की सेवा अवधि 65 वर्ष कराए जाने, चिकित्सा अवकाश अनुमन्य किए जाने, कॉलेजों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए अनुदान दिए जाने, विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति की नियुक्त किए जाने और विश्वविद्यालय की गड़बड़ी, परीक्षा केंद्रों के निर्धारण और पेपर लीक की जांच कराए जाने की मांगें रखीं गईं। उच्च शिक्षा मंत्री ने मांगों पर विचार कर शिक्षक हित में निर्णय लेने की बात कही।