घिरोर। विकासखंड घिरोर की ग्राम पंचायत अचलपुर में प्रधान पद की पुनर्मतगणना की प्रक्रिया को उच्च न्यायालय के आदेश के बाद बुधवार को रोक दिया गया है। बुधवार को एसडीएम कोर्ट में पुनर्मतगणना प्रस्तावित थी। पूरी तैयारी हो चुकी थी। मगर, इसी बीच शपथ पत्र दाखिल करते हुए पूर्व में हुई मतगणना में जीते हुए प्रत्याशी ने कहा कि हाईकोर्ट ने उसकी अर्जी को स्वीकार करते हुए पुनर्मतगणना पर रोक लगा दी है। इस पर एसडीएम ने पुनर्मतगणना को रोक दिया। साथ ही कहा कि हाईकोर्ट की बेवसाइट पर बुधवार रात तक आदेश अपलोड नहीं हुआ तो बृहस्पतिवार यानी आज पुनर्मतगणना कराई जाएगी।
दरअसल 2022 में ग्राम पंचायत चुनाव में वर्तमान प्रधान सुनील कुमार यादव ने 54 वोट से जीत हासिल की थी, जिसमें उन्हें 1113 मत मिले थे, जबकि पराजित प्रत्याशी विनीता यादव को 1059 मत प्राप्त हुए थे। मतगणना के दौरान 182 मतों को निरस्त कर दिया गया था।
विनीता यादव ने इसी बात को लेकर एसडीएम न्यायालय में पुनर्मतगणना के लिए याचिका दायर की थी। एसडीएम प्रसून कश्यप ने सुनवाई के बाद 30 जुलाई को पुनर्मतगणना का आदेश दिया था और इसके लिए 18 अगस्त की तारीख तय की थी। वर्तमान प्रधान ने एसडीएम न्यायालय के पुनर्मतगणना के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी। इधर, पुनर्मतगणना की प्रक्रिया तय तारीख 18 अगस्त से शुरू नहीं हो सकी और इसे 19 अगस्त को भी टाला गया। बुधवार को जब सुबह से पुनर्मतगणना की तैयारी चल रही थी, तभी दोपहर 1:15 बजे एसडीएम ने बताया कि वर्तमान प्रधान सुनील कुमार यादव ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी है। उन्होंने न्यायालय का आदेश अपलोड न होने के बावजूद एक शपथ पत्र दिया, जिसके बाद पुनर्मतगणना रोक दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यदि शाम तक उच्च न्यायालय का आदेश अपलोड नहीं होता है, तो पुनर्मतगणना की प्रक्रिया 21 अगस्त को फिर से शुरू की जा सकती है। इस दौरान सीओ करहल अजय चौहान, बीडीओ घिरोर नवनीत कुमार, दन्नाहार थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह और घिरोर थाना प्रभारी सहित पुलिस बल मौजूद थे।
आरोप : जानबूझकर की गई देरी
इस देरी पर पराजित प्रत्याशी विनीता यादव के पति सतेंद्र यादव ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुनर्मतगणना की प्रक्रिया में जानबूझकर देरी की गई ताकि दूसरे पक्ष को उच्च न्यायालय से स्टे लेने का मौका मिल सके। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है।