हेमनदास जैसवानी हत्याकांड का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के राजामंडी बाजार में व्यापारियों का उत्पीड़न हो रहा था। रंगदारी मांगी जाती थी। इसका विरोध पिता (हेमनदास जैसवानी) ने किया। दबंगों के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें जान गंवानी पड़ी। सुरक्षा न होने से पिता के हत्याकांड में वादी भाई सुशील की भी हत्या कर दी गई। हत्याकांड में फैसला आने पर परिवार खुश हुआ है। अब उन्हें भाई की हत्या की मजबूत पैरवी करनी है। यह कहना है कि मृतक हेमनदास के बेटे महेश जैसवानी का।