पुलिस ने हैलो गैंग के तीन सरगना और छह सदस्यों को किया गिरफ्तार
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ऑनलाइन फर्जी ट्रांसपोर्ट कंपनी चलाने वाला हैलो गैंग लोगों को झांसे में लेने के लिए फर्जी बिल्टी और विजिटिंग कार्ड तैयार करता था। उनकी फोटो लोगों के व्हाट्स एप नंबर पर भेजते थे।
इससे लोग गैंग की बातों में फंस जाते थे। उनके खाते में रकम जमा कर देते थे। उधर, गैंग के शिकार जम्मू और महाराष्ट्र के तीन और पीड़ित सामने आए हैं। उनके साथ 1.20 लाख रुपये की ठगी गई थी।
ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट, माल भाड़ा, मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी के नाम पर दस राज्यों के 500 से अधिक लोगों से 1.5 करोड़ की ठगी करने वाले हैलो गैंग के तीन सरगना और छह सदस्यों को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया था। इनमें आदेश सिंह, हरेंद्र, रिषभ, प्रेम सिंह, मुनेंद्र, सचिन सोलंकी, दुर्गेश कुमार, गौरव कुमार और दिलीप कुमार थे।
साइबर सेल के अमित कुमार ने बताया कि शनिवार को जम्मू और महाराष्ट्र पुलिस ने संपर्क किया। पुणे की एक कंपनी के साफ्टवेयर इंजीनियर प्रहलाद सिंह से 40 हजार रुपये की ठगी की गई थी। उन्हें घर का सामान दिल्ली भेजना था। सामान पैक करने और लोड करने के लिए मजदूरों की भी आवश्यकता थी।
उन्होंने जस्ट डायल पर जानकारी ली। इस पर उनके पास 15 लोगों के कॉल आए। 1.5 लाख से 1.80 लाख रुपये तक माल भाड़ा मांग रहे थे। मगर, ठग गैंग ने साक्षी ट्रांसपोर्ट कंपनी के नाम से कॉल किया। 80 हजार रुपये में माल पैक करने से लेकर भाड़ा बताया। इस पर वह झांसे में आ गए। उनके खाते में रकम जमा कर दी। इसके बाद सिम बंद कर लिया गया।
इसी तरह जम्मू के चीनी के व्यापारी को पंजाब और सेब व्यापारी को दिल्ली माल भेजना था। जस्ट डायल के माध्यम से ट्रांसपोर्ट कंपनी का कॉल आया। दोनों से 40-40 हजार रुपये खाते में जमा करा लिए गए। इस मामले में जम्मू में मुकदमे भी दर्ज हैं। जिन खातों में रकम जमा कराई गई, उनकी डिटेल निकलवाई जा रही है।
गैंग लोगों के व्हाट्स एप नंबर पर विजिटिंग कार्ड और बिल्टी की फोटो भी भेजते थे। इन पर नाम असली कंपनी का लिखा रहता था, जबकि नंबर अपना लिखते थे। इस कारण लोग उन पर विश्वास करने लगते थे।
दस खातों की डिटेल निकाल रही पुलिस
ठगी करने वाले गैंग ने 40 खातों को किराये पर लिया था। कई खाते उन्हीं नाम से थे, जिस नाम से कंपनी को आनलाइन रजिस्टर्ड किया गया था। इनमें से 30 खाते बंद हो गए हैं। अब पुलिस दस खातों की जानकारी ले रही है। इनमें कब और कहां से रकम जमा हुई। खातों का बैलेंस कितना है। इस सबके बारे में पता किया जा रहा है।