बाह। मंगलवार को मौसम बदल गया। दो दिनों से आसमान में बादल छाए हैं। मंगलवार को दिन में तीन बार बादल बरसे। शाम करीब 7 बजे बारिश के साथ फतेहाबाद में ओले भी गिरे। पड़ोसी जिले मुरैना में हुई ओलावृष्टि ने गलन बढ़ा दी है। मंगलवार को देर रात तक तेज हवा के साथ बारिश हुई। इससे खेतों में सरसों और गेहूं की फसल बिछ गई है। बारिश से सरसों में होने वाले नुकसान को लेकर किसान परेशान हैं। आलू के खेतों में पानी भरने से उसके सड़ने की आशंका ने किसानों की नींद उड़ा दी है।
बाह और जैतपुर क्षेत्र के 150 गांवों में सरसों की अच्छी फसल थी। मंगलवार को तेज हवा के साथ दिन रात हुई बारिश से खेतों में फसल बिछ गई है। जरार के किसान महेश चंद्र, राजवीर सिंह, पुरा कनेरा के अजयपाल, गिर्राज सिंह, गुंगावली के वीरेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह ने बताया कि एक तो सरसों की फसल खेतों में गिर गई है। अगेती फसल में धूप निकलने पर फलियां चटकने से दाना बिखरने और पछेती फसल में फूल झड़ने से पैदावार गिरने की आशंका है। कहा कि और बारिश हुई तो लागत भी निकलना मुश्किल हो जाएगा। वहीं, नरहौली के भूपेंद्र सिंह, भाऊपुरा के आकाश जादौन, रजपुरा के गंगा सिंह, बिजौली के छोटेलाल ने बताया कि बारिश गेहूं की फसल के लिए मुफीद है।
फतेहाबाद के गुबरौठा निवासी किसान गौरव, मलपुरा के पंकज सिंह, भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश का पानी आलू के खेतों में भरा गया है, जिससे आलू में नुकसान की आशंका है। धारापुरा के किसान बंगाली ने बताया कि बारिश व ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी सरसों की फसल में काफी नुकसान हुआ है। फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के किसानों ने बताया कि बारिश से सरसों और आलू को नुकसान हुआ है। अकोला के किसान यदुवीर सिंह, शैलेंद्र सिंह ने बताया कि गेहूं और चना आदि फसलों को लाभ मिलेगा।
गेहूं के खेत में जलभराव खतरनाक
बिचपुरी। कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी के शस्य वैज्ञानिक डॉ. अंकुर त्रिपाठी ने बताया कि तेज हवा और अधिक बारिश से सरसों के पौधे झुक या गिर सकते हैं, जिससे कटाई में परेशानी हो सकती है। बताया कि गेहूं की फसल के लिए खेत में पांच से छह सेंटीमीटर पानी पर्याप्त होता है। इससे अधिक पानी भरने पर जड़ों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे जड़ें गल सकती हैं और फसल खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने किसानों से जलनिकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
खुदाई ठप...और बारिश हुई तो सड़ने लगेगा आलू
बाह। जैतपुर एवं बाह क्षेत्र के गांवों में आलू की अगेती फसल की खुदाई का काम चल रहा थाष मंगलवार को कई बार बरसे बादलों ने आलू की खुदाई का काम बंद करा दिया है। आलू की मंदी की मार से जूझ रहे किसान फसल सड़ने के अंदेशे से चिंतित हो उठे हैं। खेतों में आलू की खुदाई कर रहे धोबई के भारत सिंह, जरार के हरिओम, पार्वतीपुरा के हेमंत, बरपुरा के रामप्रकाश ने बताया कि मंडी में आलू की बेकदरी हो रही है। मंदी की वजह से लागत निकलना मुश्किल हो गया है। बारिश से खेतों में पानी भर गया है। खुदाई का काम रुक गया है। मौसम साफ होने के बाद भी फिर से खुदाई होने में 4 से 5 दिन लगेंगे। बारिश नहीं रुकी तो खेतों में आलू सड़ने का खतरा पैदा हो जाएगा। धूप निकलने पर पाला बैठने से आलू में नुकसान होगा।
रास्तों में जलभराव से बढ़ी परेशानी
बाह। बारिश से रास्तों में हुए जलभराव ने ग्रामीण किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। बाह क्षेत्र में कच्चे मार्गो पर तो जलभराव से दलदल और फिसलन के हालात हैं। पक्के मार्गो पर भी हुए गड्ढों में पानी भरने से हादसे का खतरा बढ़ गया है। बाह में कैंजरा मार्ग के जोड़ पर एक नहीं, कई गहरे और चौड़े गड्ढे हो गए हैं। भाजपा कोर कमेटी के सदस्य पवन भदौरिया, जयवीर सिंह प्रधान, नेपाल सिंह, बनवारीलाल, उमाशंकर ने बताया कि गहरे गड्ढों में पानी भरने से हादसे का खतरा पैदा हो गया है। धोबई में मंगदपुर मार्ग पर कई जगह बड़े और गहरे कटान हो गए हैं। कई जगह ऐसी हैं कि महज सड़क के निशान ही बचे हैं।
तेज हवा संग बारिश से बाह के खेतों में बिछी सरसों की फसल
तेज हवा संग बारिश से बाह के खेतों में बिछी सरसों की फसल
तेज हवा संग बारिश से बाह के खेतों में बिछी सरसों की फसल
तेज हवा संग बारिश से बाह के खेतों में बिछी सरसों की फसल