कोहरे के कारण सड़कों पर रेंगकर चले वाहन
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ताजनगरी में शुक्रवार की तरह शनिवार की सुबह कोहरे की चादर ओढ़कर निकली। इस सीजन का सबसे घना कोहरा छाया। दृश्यता शून्य होने से सड़कों पर वाहन रेंग रेंगकर चल रहे हैं। रेल यातायात बुरी तरह से प्रभावित है। वहीं गलन भरी सर्दी के कारण लोगों की कंपकंपी छूट रही है।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री नीचे रहा। दिन में पारा 17.7 डिग्री रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री रहा। पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों से चली बर्फीली हवाओं का असर पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है जो अभी दो दिन तक और जारी रह सकता है। दिन में धूप निकली, पर सर्दी से राहत नहीं मिल पाई।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक अगले दो दिनों तक सर्द हवाएं परेशान करती रहेंगी। गलन भरी सर्दी के साथ तापमान में कमी बनी रहेगी। सुबह घना कोहरा छाया रह सकता है, वहीं दोपहर में हल्की धूप भी रहने के आसार हैं।
रेल यातायात प्रभावित
दृश्यता शून्य होने से कोहरे में ट्रेन रेंगकर चलीं। आगरा से आने-जाने वाली 32 ट्रेनें देरी से चलीं। आलम ये रहा कि सुबह की ट्रेन रात में आई। हजरत निजामुद्दीन जाने वाली महाकौशल एक्सप्रेस का आगरा आने का समय सुबह 8.05 बजे का है, लेकिन यह शुक्रवार रात को 9.50 पर आई। करीब 14 घंटे देरी से महाकौशल एक्सप्रेस आगरा पहुंची। यही हाल शताब्दी और ताज जैसी ट्रेनों का रहा।
दिल्ली जाने वाली ट्रेनें
दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में झेलम एक्सप्रेस ढाई घंटे, पंजाब मेल 1.45 घंटे, अंडमान एक्सप्रेस एक घंटे, उत्कल एक्सप्रेस 1.15 घंटे, मंगला एक्सप्रेस 1.30 घंटे, केरला एक्सप्रेस 2 घंटे, समता एक्सप्रेस 45 मिनट, त्रिकुरल एक्सप्रेस एक घंटे, मंगला एक्सप्रेस 1.30 घंटे की देरी से आगरा कैंट स्टेशन पहुंची।
आगरा जयपुर रूट
कोहरे के कारण इस ट्रैक पर बीकानेर गुवाहाटी एक्सप्रेस 4.30 घंटे, सियालदाह एक्सप्रेस 4 घंटे, रांची अजमेर एक्सप्रेस 3 घंटे और हावड़ा जयपुर 4.45 घंटे देरी से आगरा फोर्ट स्टेशन पर आईं। इन ट्रेनों के सुबह की जगह शाम और घंटों देरी से चलने के कारण स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ लगी रही। गलन भरी सर्दी में यात्री ट्रेनों के इंतजार में ठिठुरते रहे।