उत्तर प्रदेश के आगरा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के उद्घाटन के पांच माह बाद भी एसएन मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में हृदय रोग के ऑपरेशन और उन्नत जांचें नहीं हो पा रही हैं। यहां तक की कैथ लैब और ऑपरेशन थिएटर भी नहीं बन पाए हैं। एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, स्टेंट डलवाने की सुविधा नहीं है। मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 200 करोड़ से सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का बीते सितंबर में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने उद्घाटन किया था। तब कॉलेज प्रशासन ने जनवरी 2024 तक कैथ लैब स्थापित होने और हृदय रोग के ऑपरेशन शुरू होने की बात कही थी। ये महीना भी बीतने को है, अभी तक ऑपरेशन कक्ष और कैथ लैब स्थापित नहीं हो पाई है। सर्दियों में हृदय रोग के मरीज भी डेढ़ गुना बढ़ गए हैं।
ऑपरेशन की सुविधा नहीं मिल पाने से मरीज एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, स्टेंट डलवाने समेत हृदय रोग की अन्य जटिल ऑपरेशन के लिए निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि कैथ लैब मशीन की खरीद हाे चुकी है, ऑपरेशन कक्ष भी लगभग बन चुके हैं। फरवरी के अंत तक हृदय रोग के ऑपरेशन शुरू हो जाएंगे।
ओपीडी में आ रहे 80 से अधिक मरीज
एसएन में हृदय रोग विशेषज्ञ हैं और ओपीडी चल रही है। रोजाना ओपीडी में 80 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। सर्दी की वजह से इमरजेंसी में भी हाॅर्ट अटैक के मरीज पहुंच रहे हैं। जांच और ऑपरेशन की सुविधा शुरू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
केस एक:
सिकंदरा निवासी अनिल शर्मा ने बताया कि उनके पिताजी की एंजियोग्राफी होनी है। एसएन में पता किया तो यहां इसकी सुविधा अभी शुरू नहीं हुई है, निजी अस्पताल में एंजियोग्राफी करानी पड़ेगी।
केस दो:
आवास विकास कॉलोनी निवासी जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिताजी हृदय रोगी हैं। एसएन में दिखाया तो उनको स्टेंट की जरूरत बताई। डॉक्टर ने कहा कि अभी एसएन में स्टेंट नहीं पड़ पाएंगे।