फिल्म अभिनेत्री और सांसद कंगना रणौत केस में बृहस्पतिवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। सांसद पर आरोप है कि उन्होंने 26 अगस्त 2024 को अपने बयान में किसानों पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। अब मामले में 13 फरवरी को कोर्ट में बहस हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत के खिलाफ दायर वाद में बृहस्पतिवार को एमपी-एमएलए अनुज कुमार सिंह कोर्ट में सुनवाई हुई। थानाध्यक्ष न्यू आगरा राजीव कुमार की तैयार आख्या को इंस्पेक्टर क्राइम सुबोध कुमार सिंह ने अदालत में प्रस्तुत किया। मामले में 13 फरवरी को बहस हो सकती है।
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राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को सांसद कंगना रणौत के खिलाफ अदालत में वाद दायर किया था। आरोप लगाया था कि सांसद ने 26 अगस्त 2024 को अपने बयान में किसानों पर अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिससे उनकी और लाखों किसानों की भावनाएं आहत हुईं। महात्मा गांधी पर अभद्र टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया था।
अधीनस्थ न्यायालय ने 6 मई 2025 को परिवाद खारिज कर दिया था। वादी अधिवक्ता ने आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में रिवीजन किया। रिवीजन की सुनवाई में अदालत ने पाया कि 6 मई 2025 को पारित हुए आदेश में धारा 225 (1) बीएनएसएस के प्रावधान की अनदेखी हुई थी। पुलिस ने पर अदालत में आख्या प्रस्तुत की, जिस पर वादी के अधिवक्ताओं ने सवाल उठाए। कहा कि पुलिस ने वादी व उनके अधिवक्ता के बयान लिए। उनके हस्ताक्षर भी है। मगर विपक्षी की अधिवक्ता के बयानों के आधार पर ही आख्या प्रस्तुत कर दी। उनके हस्ताक्षर भी नहीं थे।