सायरन बजाते हुए एंबुलेंस आई, स्ट्रेचर पर लिटाकर मरीज को आईसीयू में भर्ती कराया। इसमें डेढ़ मिनट का समय लगा और 20 सेकंड में मरीज को ऑक्सीजन लगाई। आगरा में स्वास्थ्यकर्मियों ने मंगलवार को मॉकड्रिल कर एसएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस के इलाज के इंतजाम परखे।
विश्व स्वास्थ्य संगठन और स्वास्थ्य विभाग की टीम की मौजूदगी में संक्रमित गंभीर मरीज को कितनी देर में इलाज मिलता है, इसको परखने के लिए सुबह 10 बजे मॉकड्रिल शुरू हुआ। एंबुलेंस से लेकर आईसीयू तक भर्ती में तेजी दिखाई। इसके बाद पांच ऑक्सीजन प्लांट, वेंटीलेटर, बाइपेप, सीपेप, एचएफएनसी मशीनें भी परखी।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि मॉकड्रिल में करीब दो मिनट में ही मरीज को भर्ती कर इलाज दिया। अभी यहां 65 बेड तैयार हैं। इसमें 15 बच्चों के लिए हैं और 20 आईसीयू में है। जरूरत पर इनको बढ़ाया भी जा सकता है। मॉकड्रिल में डब्ल्यूएचओ के डॉ. संदीप, एसआईसी डॉ. बृजेश शर्मा, डॉ. जीवी सिंह, डॉ. टीपी सिंह, डॉ. मनीष बंसल आदि मौजूद रहे।
जिला अस्पताल में पीकू वार्ड को किया गया तैयार
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बिना मास्क के स्टाफ देख नाराज हुए एमएलसी
जिला अस्पताल में सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव की निगरानी में ऑक्सीजन प्लांट, वेंटिलेटर को चलाकर परखा। स्टाफ से वेंटिलेटर लगाने के बारे में भी जानकारी की। इसके बाद एमएलसी विजय शिवहरे आए और उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट चलवाकर देखा। वार्ड और ओपीडी में बिना मास्क के मरीज-तीमारदार और चिकित्सकीय स्टाफ को देखकर नाराजगी जताई। सीएमओ और प्रमुख अधीक्षक से मास्क का अनिवार्य रूप से पालन करने के लिए कहा।
सीएचसी सैंया में ऑक्सीजन वॉल्व में मिली खराबी
सीएचसी बरौली अहीर, खंदौली, बाह और सैंया में भी मॉकड्रिल हुई। सैंया में एसीएमओ डॉ. एसएम प्रजापति ने ऑक्सीजन प्लांट और दवाओं को परखा। वार्ड में ऑक्सीजन प्रेशर वॉल्व में खराबी मिली, जिसे बदलने के निर्देश दिए। सीएचसी प्रभारी डॉ. ऋषिगोपाल, डॉ. सौरभ, डा. नवनीत आदि मौजूद रहे।