12एमएनपी-12-100 शैया महिला अस्पताल में बंद वार्ड
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मैनपुरी। 16 करोड़ 10 लाख की लागत से बनाया गया सौ शैया मातृ एवं शिशु अस्पताल उपचार के नाम पर केवल स्वास्थ्य उपकेंद्र ही बना हुआ है। यहां केवल प्रसव का कार्य किया जा रहा है। ओपीडी व्यवस्था के बाद महिलाओं को भर्ती नहीं किया जा रहा है। इससे महिला मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला महिला अस्पताल को चार महीने पहले सौ शैया अस्पताल में स्थापित करा दिया है। वहां व्यवस्थाओं के नाम पर हर प्रकार की व्यवस्था है। चार मंजिला इस अस्पताल में बेड और उपचार के संसाधनों की कोई कमी नहीं है, लेकिन डॉक्टरों की कमी को बताकर यहां महिला मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। महिलाओं को प्रसव के अतिरिक्त अन्य कोई उपचार नहीं दिया जा रहा है। जिसके चलते स्त्री रोग से पीड़ित महिलाओं को जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है।
सौ शैया अस्पताल में महिला मरीजों को केवल ओपीडी का ही उपचार दिया जाता है। भर्ती कराने के लिए उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। जहां स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने कारण महिलाओं को सैफई रेफर किया जा रहा है। महिला अस्पताल की ओपीडी में जहां 100 से 150 महिलाएं हर रोज पहुंचती हैं। वहीं जिला अस्पताल में यह संख्या 300 से 400 होती है।
महिला और बाल मरीजों के जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचने के कारण यहां की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। यहां अन्य मरीजों की भीड़ रहती है। महिला और बाल मरीज पहुंचने से दिक्कत होती है। कभी-कभी उचित उपचार न मिलने के कारण दुर्घटनाओं में घायल होकर आने वाले मरीजों की मौत भी हो जाती है।
स्टाफ की कमी है। 18 पदों के सापेक्ष मात्र चार डॉक्टरों की तैनाती है। जिसके कारण दिक्कतआ रही है। ओपीडी में महिला मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर भर्ती भी कराया जाता है।
डॉ. एके पचौरी सीएमएस महिला अस्पताल