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स्वास्थ्य विभाग ने की झोलाछाप की दुकान सील

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आगरा। स्वास्थ्य विभाग ने राजेश्वर मंदिर के सामने शमसाबाद रोड स्थित बंगाली क्लीनिक को सील कर दिया। ये अवैध तरीके से चल रही थी। इसे झोलाछाप चला रहा था। नोटिस देकर तीन दिन में चिकित्सकीय डिग्री और लाइसेंस प्रमाणपत्र उपलब्ध न कराने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत मिली थी कि बिना चिकित्सकीय डिग्री के झोलाछाप क्लीनिक संचालित कर मरीजों का इलाज कर रहा है। इस पर जांच के लिए बुधवार को एसीएमओ के नेतृत्व में जांच को टीम भेजी। टीम ने बंगाली क्लीनिक पर छापा मारा। मौके पर तरुण मिश्र मिले, ये मरीजों को दवाएं दे रहे थे। टीम ने इनसे चिकित्सकीय डिग्री, क्लीनिक का लाइसेंस समेत अन्य प्रमाणपत्र मांगे। वह कोई चिकित्सकीय डिग्री और क्लीनिक का लाइसेंस नहीं दिखा पाए। क्लीनिक में बायोमेडिकल वेस्ट भी पड़ा था। अलमारी में दवाएं भी रखी थीं। बेंच पर दो मरीज बैठे थे, इनको बुखार, उल्टी-दस्त की परेशानी थी। इनको सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए भेज दिया। क्लीनिक को सील कर दिया है। चिकित्सकीय डिग्री और लाइसेंस उपलब्ध कराने के लिए तीन दिन का समय दिया है। ऐसा न करने पर इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
कोरोना महामारी में फिर से झोलाछाप पनप गए हैं, ये फतेहाबाद, एत्मादपुर, खेरागढ़, फतेहपुर सीकरी, बाह समेत सभी ब्लाक और शहर की घनी आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं। ये बिना डिग्री और लाइसेंस के मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि सभी सीएचसी प्रभारियों को अपने क्षेत्र में झोलाछाप चिह्नित कर उनकी दुकान सील कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
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अकोला। मनिया में झोलाछाप के इलाज से युवक की हालत बिगड़ गई। इसने घंटे भर में युवक को आठ इंजेक्शन लगा दिए। इससे मरीज की हालत नाजुक हो गई। इस पर मरीज को निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। परिजनों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने वाले मनिया गांव के सचिन लवानियां ने बताया कि उनके 22 साल के चचेरे भाई अभिषेक लवानियां के पेट में दर्द हुआ। इस पर गांव में बंगाली क्लीनिक पर भाई को दिखाया। उसने घंटे भर तक मरीज को बेंच पर लिटाकर रखा और आठ इंजेक्शन लगा दिए। इतने इंजेक्शन क्यों लगाए, ये पूछने पर कहा कि जल्दी ठीक हो जाएगा। लेकिन इससे भाई की हालत नाजुक हो गई। इलाज करने वाले से चिकित्सकीय डिग्री के बारे में पूछा तो उसने कुछ नहीं बताया। ऐसे में आननफानन में भाई को निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर कार्रवाई के लिए शिकायत भी की है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक परिहार ने बताया कि झोलाछाप के इलाज से मरीज की हालत बिगड़ने की जानकारी मिली है, इसकी बृहस्पतिवार को जांच करने जाएंगे।
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