ससुर पप्पू का कहना है कि करवाचौथ के नाम पर पुत्रवधू को जबरन डिस्चार्ज कर दिया, लेडी लायल में भी भर्ती कर समय पर इलाज मिलता तो जान बच सकती थी। इस लापरवाही की जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. बीके सोनी ने बताया कि परिजन उसे घर ले गए थे।
तबीयत बिगड़ने पर दोबारा लेकर आए तो उसे ड्रिप चढ़ाकर आगरा भेजा गया। लापरवाही हुई है तो उसकी जांच कराई जाएगी। लेडी लायल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. रचना गुप्ता का कहना है कि प्रसूता को भर्ती न करने के मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
जांच के लिए बनाएंगे समिति
सामान्य प्रसव में 48 घंटे प्रसूता को भर्ती रखना जरूरी है। मामले की जांच कराने के लिए समिति बनाएंगे। इसमें सीएचसी शमसाबाद प्रभारी-स्टाफ, लेडी लायल और 102 एंबुलेंस सेवा की भूमिका की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी।
- डॉ. अरुण श्रीवास्तव, सीएमओ
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