आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में कर्मचारी संघ के चुनाव को लेकर कुलपति कार्यालय के बाहर जारी धरना मंगलवार को 15वें दिन और उग्र रूप में नजर आया। लंबे समय से अनदेखी के आरोपों के बीच आंदोलन को तेज करते हुए पदाधिकारी सुमित चौधरी ने मुंडन कराकर भगवा धोती-कुर्ता धारण किया और नंगे पैर विश्वविद्यालय व घर के बीच आने-जाने का संकल्प लिया।
कर्मचारियों का कहना है कि वे लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन नजरअंदाज कर रहा है। उनका आरोप है कि कर्मचारी संघ के चुनाव को लेकर जानबूझकर देरी की जा रही है, जबकि आवश्यक प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है।
पूर्व महामंत्री अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि 13 मार्च को कुलपति की ओर से दोनों पक्षों को सुनने के लिए एक समिति गठित की गई थी। समिति ने 16 मार्च को कुलसचिव को पत्र लिखकर चुनाव से जुड़ी पत्रावली और आमसभा नोटिस के संबंध में जानकारी मांगी थी, जिसे 18 मार्च को कुलपति कार्यालय भेज दिया गया, लेकिन अब तक वह लंबित है। उन्होंने कहा कि चुनाव से संबंधित पत्रावली पहले ही पूरी हो चुकी है और केवल चुनाव अधिकारी की नियुक्ति शेष है, ऐसे में फाइल का लंबित रहना सवाल खड़े करता है। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन कुछ पदाधिकारियों के दबाव में काम कर रहा है। उनका कहना है कि जब तक कर्मचारी संघ चुनाव कराने को लेकर स्पष्ट आदेश या संकेत नहीं दिए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने में आनंद टाइटलर, दीपक सहगल, रमन शर्मा, दीपक गुप्ता, राधिका प्रसाद यादव, रामनाथ, रूपा रानी, सीता, बेबी कुमारी, मलखान सिंह, नरेश चौधरी, कुलदीप तोमर और हनीफ यादव आदि मौजूद रहे।