मैनपुरी। एचडीएफसी बैंक की कचेहरी रोड शाखा को मृतक आश्रित की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान समय पर न करने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने दोषी पाया है। आयोग ने सेवा में लापरवाही मानते हुए बैंक पर 31 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। बैंक को यह धनराशि 45 दिनों के भीतर आयोग के खाते में जमा करनी होगी।
घिरोर थाना क्षेत्र के गुलाबपुर गांव की रश्मी ने 4 मार्च 2024 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में याचिका दायर की थी। दावा किया था कि पति सुनील कुमार उर्फ महीपाल की 14 जून 2019 को सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद रश्मी, सास आशादेवी और ससुर गोरेलाल ने क्षतिपूर्ति के लिए नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में याचिका दायर की।
अधिकरण ने 5 जून 2023 को बीमा कंपनी को 16,03,794 की राशि मृतक आश्रित रश्मी को भुगतान करने का आदेश दिया था। बीमा कंपनी ने आदेश का पालन करते हुए यह राशि एचडीएफसी बैंक की कचेहरी रोड शाखा में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के खाते में जमा भी कर दी थी।
बैंक की लापरवाही बनी परेशानी का सबब
रश्मी का आरोप था कि बैंक ने बीमा कंपनी के जमा की गई यह राशि उनके खाते में समय पर जमा नहीं की। इससे परेशानी हुई। बाद में बैंक ने 19 मार्च 2024 को पीड़िता के खाते में राशि जमा की। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष शशिभूषण पांडेय, सदस्य नीतिका दास और नंदकुमार ने याचिका की सुनवाई की। सुनवाई के बाद आयोग ने बैंक को ''''''''सेवा में लापरवाही'''''''' का दोषी पाया। आयोग ने बैंक के शाखा प्रबंधक को आदेश दिया है कि वे पीड़िता को 6 हजार रुपये वाद व्यय और 25 हजार रुपये मानसिक एवं शारीरिक कष्ट के लिए अदा करें। कुल 31 हजार की यह धनराशि बैंक को 45 दिनों के भीतर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के खाते में जमा करनी होगी।