आगरा में बरेली नारकोटिक्स ड्रग एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) टीम ने नुनिहाई में ऑटो से अवैध रूप से नारकोटिक्स श्रेणी की दवाएं जब्त की हैं। कफ सिरप, नींद की दवाएं भरी हुई थीं।
आगरा में सेंट्रल ब्यूरो नारकोटिक्स बरेली की टीम ने ऑटो से नारकोटिक्स श्रेणी की दवाएं लेकर जाने वाले हॉकर को आगरा कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। जब्त दवाओं की कीमत करीब 30 लाख रुपये है। सोमवार को दवाओं के नमूने लिए जाएंगे।
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थाना एत्माउदौला प्रभारी ने बताया कि टीम ने शनिवार को नुनिहाई से नारकोटिक्स श्रेणी लेकर जा रहे हॉकर बेलनगंज निवासी गौरव अग्रवाल, ऑटो चालक और मजदूर को पकड़ा था। यह अवैध तरीके से नारकोटिक्स श्रेणी की दवाएं लेकर जा रहा था। ऑटो में जब्त दवाओं में 837 कोडेेक्स सिरप की बोतल, 2400 ट्रेमाडॉल टैबलेट, 100 ट्रेमाडॉल इंजेक्शन और 74440 टैबलेट एटविन-2 एमजी हैं। इनकी कीमत 30 लाख रुपये है।
इन दवाओं की नशे के लिए कई राज्यों में कालाबाजारी की जा रही है। बरेली में भी इसके तार जुड़े हैं, जिस पर टीम जांच कर रही है। पूछताछ के बाद ऑटो चालक और मजदूर को छोड़ दिया। हॉकर गौरव अग्रवाल को जेल भेज दिया गया। दवाओं के नमूने सोमवार को लिए जाएंगे। मुख्य सरगना की तलाश की जा रही है। दवाएं कहां-कहां बेची जाती थीं, कहां भंडारण किया जाता था। इसकी भी जांच चल रही है।
फव्वारा में बंद मिली दुकान
थाना प्रभारी ने बताया कि हॉकर गौरव अग्रवाल से पूछताछ में उसने खुद को फव्वारा स्थित टेनिस फार्मा का कर्मचारी बताया। फर्म का संचालक कमला नगर निवासी गोविंद अग्रवाल है। रविवार को भी टीम दुकान पर गई, लेकिन बंद मिली। इसके कमला नगर घर पर भी छापा मारा, यहां भी संचालक नहीं मिला। टीम और पुलिस की जांच अभी चल रही है।