हाथरस में हुई जनरथ बस और मैक्स की टक्कर में मरने वाले ज्यादातर लोग सैमरा गांव के हैं। इस हादसे की सूचना से सैमरा गांव की तेली बस्ती में चीख-पुकार मच गई। जिसे भी दुर्घटना के बारे में मालूम पड़ा, वह बेदरिया के मकान की तरफ दौड़ पड़ा। बेदरिया, लतीफ, मुन्ना, चुन्नासी और शान मोहम्मद के परिवार के सदस्यों की हादसे में मौत हुई है। इसमें मासूम बच्चे भी शामिल हैं।
देर रात तक प्रशासन और पुलिस विभाग के लोग हाथरस से शव एंबुलेंस से लाने में लगे रहे। रात के सन्नाटे को बेदरिया के मकान वाली गली में महिला, पुरुष और बच्चों के रोने की चीख-पुकार तोड़ती रही। हर किसी की जुबान पर इसी घटना की चर्चा रही। एक दर्जन से अधिक शव एक साथ कब्रिस्तान तक ले जाना भी प्रशासन के सामने चुनौती बना रहा।
इसके लिए पहले से कब्रिस्तान में तैयारी की गई और जेसीबी से कब्रें तैयार कराई गईं। मृतक परिवार के सदस्य सोनू ने बताया कि पहली बार कब्रिस्तान में एक साथ इतने शव दफनाए जाएंगे। इससे पहले कभी भी इतने शव एक साथ कब्रिस्तान नहीं ले जाए गए। देर रात तक शवों के आने का सिलसिला जारी रहा।