आगरा में एसटीएफ ने फर्जी भर्ती गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो एसएससी और सीओडी में नौकरी का झांसा देकर 5–7 लाख रुपये तक ऐंठता था। गिरोह के तार हरियाणा से जुड़े पाए गए हैं। मुख्य आरोपी प्रेमचंद्र वर्मा और रिंकू फरार हैं, जबकि कई अन्य गिरफ्तार हुए।
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) और केंद्रीय आयुध डिपो (सीओडी) में नाैकरी का झांसा देकर ठगने वाले गिरोह के तार हरियाणा से जुड़े निकले हैं। एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया कि गिरोह ने कई लोगों को भर्ती कराया है। सभी नाैकरी कर रहे हैं। वहीं आरोपी प्रेमचंद्र वर्मा और रिंकू फरार हो गए हैं। दोनों की तलाश में एक टीम लगी हुई हैं।
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एसटीएफ ने बृहस्पतिवार को न्यू आगरा क्षेत्र से गांव जलालपुर, फतेहाबाद निवासी धर्मवीर उर्फ धर्मा, गांव पक्कापुरा, फतेहाबाद निवासी देवेंद्र सिंह, मलपुरा निवासी हरेश पाठक, अनूप और पारस चाहर को गिरफ्तार किया था। वहीं उनके साथी फिरोजाबाद के बसई मोहम्मदपुर निवासी प्रेमचंद्र वर्मा और फतेहाबाद निवासी रिंकू फरार हैं।
आरोप है कि गिरोह के लोग नाैकरी लगवाने का झांसा देकर 5 से 7 लाख रुपये लेते थे। वह फर्जी एडमिट कार्ड, मुहर आदि भी बनाकर देते थे। एसटीएफ के मुताबिक, प्रेमचंद्र वर्मा सीएसडी कैंटीन के सप्लाई डिपो में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। उसके संपर्क में हरियाणा का गिरोह भी है।
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यही गिरोह भर्ती कराने में सहयोग करता है। वहां के सरगना का व्हाट्सएप नंबर टीम को मिल गया है। उसके बारे में पता किया जा रहा है। वो एसएससी-सीओडी से जुड़े कई लोगों के संपर्क में रहता था। कई बार लोगों से रकम लेकर फर्जी एडमिट कार्ड भी दे दिया जाता है।
गिरोह ने कितने लोगों को भर्ती कराया है, इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर जांच कराई जाएगी। आरोपी देवेंद्र पूर्व में असम राइफल्स में भर्ती हो गया था। उसने ट्रेनिंग भी शुरू कर दी थी। मगर उसने एक पीड़ित से रकम ली थी। नाैकरी नहीं लगने पर उसकी शिकायत अधिकारियों से कर दी गई थी। मामला खुलने पर देवेंद्र नाैकरी छोड़कर भाग आया था।