बाजारों में रात तक लगी मेहंदी
हरियाली तीज से एक दिन पहले मंगलवार की देर रात तक महिलाएं बाजारों में मेंहदी लगवाने पहुंची। राजामंडी में त्योहारों पर हर साल महिलाओं के हाथों में मेहंदी लगाने वाले मुकेश का कहना था कि इस बार संख्या काफी कम रही।
पूजा मुहूर्त सुबह 7-8:53 बजे,दोपहर में 1:30 से 5:50 तक
सावन के महीने में मेघ आकाश में घुमड़-घुमड़ कर वर्षा की फुहार से मौसम को सुहाना बना देते हैं, तब शुक्ल पक्ष तृतीया को लोग कजली तीज या हरियाली तीज के रूप में मनाते हैं। ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि शिव योग में पूजा करने से भगवान शिव एवं गौरी मां की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होगा। गजकेसरी योग में मान सम्मान एवं महालक्ष्मी योग से धन संपदा प्राप्त होगी। बुधवार को नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी एवं उत्तरा फाल्गुनी शिव योग में गजकेसरी योग में एवं महालक्ष्मी योग में तथा सूर्य कर्क राशि में और चंद्रमा सिंह राशि में रहेंगे।
हरियाली तीज पर पूजा का शुभ समय सुबह 7 बजे से 8:53 तक एवं दोपहर में 1:30 से 5:50 तक रहेगा। सावन मास में शुक्ल पक्ष में तृतीया तिथि को हरियाली तीज और स्वर्ण गौरी व्रत भी कहते हैं। इस दिन महिलाओं का हरे कपड़े पहनना और मेहंदी लगाना शुभ माना जाता है। भगवान शिव और मां पार्वती को पंचामृत का भोग लगाकर उनसे अपने पति की दीर्घायु एवं निरोगी काया के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है