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हरियाली तीज: भगवान शिव और पार्वती की पूजा कर उपवास, जानिए व्रत और अर्चना का शुभ समय

Wed, 11 Aug 2021 12:03 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

मान्यता है कि हरियाली तीज के दिन व्रत-पूजन से युवतियों को मनोवांछित फल मिलता है। मायके से आए नए वस्त्रों का इंतजार भी महिलाओं का मंगलवार को समाप्त हुआ। 
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हरियाली तीज पर महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हाथों में मेहंदी रचाकर, सोलह शृंगार कर महिलाएं हरियाली तीज पर बुधवार को मंदिरों और घरों में भगवान शिव और पार्वती के दर्शन करेंगी। पति की लंबी आयु की कामना के लिए उपवास रखा जाएगा। 

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मान्यता है कि हरियाली तीज के दिन व्रत-पूजन से युवतियों को मनोवांछित फल मिलता है। मायके से आए नए वस्त्रों का इंतजार भी महिलाओं का मंगलवार को समाप्त हुआ। घरों में पकवान की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। शहर की सामाजिक संस्थाएं बुधवार को हरियाली तीज पर पौधरोपण करेंगी। 

मान्यता: माता पार्वती की तपस्या से प्रसन्न हुए थे शिवजी
पं. सुभाष चंद्र शास्त्री के अनुसार, मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शंकर को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की थी। शिवजी प्रसन्न हुए। हरियाली तीज के दिन पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। हरियाली तीज के दिन हरी चूड़ियां, हरे कपड़े, सोलह शृंगार और मेहंदी लगाने का विशेष महत्व है। 
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शादी के बाद पहली तीज 
शादी के बाद पहली बार हरियाली तीज पर आज अपने घर जा रही हूं। मंदिर जाकर अपने पति की लंबी आयु की भगवान शिव और पार्वती से प्रार्थना करूंगी। - भावना कुमारी, आवास विकास कॉलोनी 

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बाजारों में रात तक लगी मेहंदी 
हरियाली तीज से एक दिन पहले मंगलवार की देर रात तक महिलाएं बाजारों में मेंहदी लगवाने पहुंची। राजामंडी में त्योहारों पर हर साल महिलाओं के हाथों में मेहंदी लगाने वाले मुकेश का कहना था कि इस बार संख्या काफी कम रही।

पूजा मुहूर्त सुबह 7-8:53 बजे,दोपहर में 1:30 से 5:50 तक
सावन के महीने में मेघ आकाश में घुमड़-घुमड़ कर वर्षा की फुहार से मौसम को सुहाना बना देते हैं, तब शुक्ल पक्ष तृतीया को लोग कजली तीज या हरियाली तीज के रूप में मनाते हैं। ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि शिव योग में पूजा करने से भगवान शिव एवं गौरी मां की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होगा। गजकेसरी योग में मान सम्मान एवं महालक्ष्मी योग से धन संपदा प्राप्त होगी। बुधवार को नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी एवं उत्तरा फाल्गुनी शिव योग में गजकेसरी योग में एवं महालक्ष्मी योग में तथा सूर्य कर्क राशि में और चंद्रमा सिंह राशि में रहेंगे।
हरियाली तीज पर पूजा का शुभ समय सुबह 7 बजे से 8:53 तक एवं दोपहर में 1:30 से 5:50 तक रहेगा। सावन मास में शुक्ल पक्ष में तृतीया तिथि को हरियाली तीज और स्वर्ण गौरी व्रत भी कहते हैं। इस दिन महिलाओं का हरे कपड़े पहनना और मेहंदी लगाना शुभ माना जाता है। भगवान शिव और मां पार्वती को पंचामृत का भोग लगाकर उनसे अपने पति की दीर्घायु एवं निरोगी काया के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है
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