गंगा और भागीरथी वन से जिले में बढ़ा हरित क्षेत्र
- प्रदेश के अन्य जनपद भी अपना रहे इस मॉडल को
संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। जिले में पर्यावरण के संरक्षण में वन विभाग द्वारा स्थापित गंगावन और भागीरथी वन से हरित क्षेत्र का दायरा बढ़ गया है। इससे यहां के भूजल स्तर में भी सुधार की बात कही जा रही है। इन वनों की स्थापना के बाद प्रदेश के अन्य जिले भी इस मॉडल को अपना रहे हैं। दोनों वनों और वृहद पौधरोपण से जिले में अब वन क्षेत्र 2000 हेक्टेयर हो गया है। तीन साल पहले यह 1500 हेक्टेयर था।
ये दोनों ही वन जिला प्रशासन और वन विभाग के संयुक्त प्रयासों से स्थापित किए गए हैं। गंगावन में तो प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आकर पहला पौधा रोपा था। गंगावन चंदनपुर घटियारी में स्थापित किया गया। गंगावन में अलग अलग नाम से अलग अलग वनस्पति की वाटिकाएं हरी भरी हैं। ये लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं। इस वन में 1.21 लाख पौधे रोपित किए गए। गंगा के कटरी इलाके में दूसरा वन दतलाना में भागीरथी वन के नाम से स्थापित किया गया। इस वन में 3.51 लाख पौधे रोपित किए गए। इस वन में भी आकर्षक वाटिकाएं बनाई गई हैं। इस कारण यहां वन्य जीव भी विचरण करते नजर आने लगे हैं। कुछ समय पूर्व हिरण के झुंड यहां देखे गए।
गंगावन और भागीरथी वन की स्थापना के प्रोजेक्ट सफल रहे हैं। इससे जिले में वन क्षेत्र का दायरा बढ़ा है। इन्हीं तर्ज पर यूपी में अन्य जगह भी वन स्थापित हो रहे हैं। जिले में भी दो अन्य वन विकसित करने पर काम चल रहा है। दोनों वनों और वृहद पौधरोपण से जिले में अब वन क्षेत्र 2000 हेक्टेयर हो गया है। तीन साल पहले यह 1500 हेक्टेयर था।
- हरि प्रकाश शुक्ला, डीएफओ।