कासगंज। पांच साल के बाद प्रदेश में सरकार चुनने के लिए मिले मौके को कोई गंवाना नहीं चाहता। रविवार को हुए चुनाव के दौरान अपना प्रतिनिधि चुनने में दिव्यांगता भी आड़े नहीं आ सकी। किसी ने बूथ तक जाने के लिए ट्राईसाइकिल का सहारा लिया तो कोई वैैशाखी का सहारा लेकर बूथ तक पहुंचा।
जिले की तीनों विधानसभाओं में 11233 दिव्यांग मतदाता हैं। इन मतदाताओं में से जिन मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट से वोट नहीं डाला वे अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए अपने बूथों तक पहुंचे। इन मतदाताओं ने वोट डालकर दिखा दिया कि वे भी किसी से कम नही हैं। वे भले ही शारीरिक रूप से विकलांग भले ही हैं, लेकिन उनमें भी जज्बा है।
वोट डालने का अधिकार सभी को दिया गया है। ऐसे में मैं वोट डालने में कैसे पीछे रह सकती हूं। वोट डालकर काफी अच्छा लगा। अच्छी छवि के प्रत्याशी को अपना वोट दिया है। - शाहजहां बेगम, गंजडुंडवारा
पांच साल बाद विधायक चुनने का मौका मिलता है। इस मौके को छोड़ा नहीं जा सकता। सुबह बूथ पर पहुंच कर मतदान किया, जिस पार्टी की नीतियां अच्छी लगी उसको वोट दे दिया। - शलामुद़दीन बिलराम
विधानसभा चुनाव में वोट डालने का पांच साल बाद मौका मिला है। इसलिए इसे गंवाया नही जा सकता। वोट डालकर काफी खुशी मिल रही है। अपने पसंद के प्रत्याशी को वोट दिया। - इमरान, गंजडुंडवारा
मैं अपने वोट की ताकत को पहचानती हूं। इसलिए सुबह ही वोट डालने के लिए अपने बूथ पर आ गई। वोट डालकर अच्छा लग रहा है। दिव्यांगों के लिए कार्य करने वाले को वोट दिया है। - अंगूरी देवी गंजडुंडवारा
आयोग से वोट डालने का जो अधिकार दिया गया है, उसका उसने प्रयोग किया है। क्षेत्र के विकास को आधार मानकर अपना वोट दिया है। वोट डालकर काफी खुशी मिल रही है। - शमसुददीन, कासगंज
कासगंज गंजडुंडवारा में मतदान देने जाता दिव्यांग युवक इमरान- फोटो : KASGANJ