रियाल की बढ़ी कीमत के कारण हवाई जहाज से हज पर जाने वालों को जीएसटी घटाने के बावजूद हजयात्रा महंगी पड़ेगी। लखनऊ से हज करने जाने वाले हाजियों को सबसे महंगी हजयात्रा पड़ेगी। 20 जून तक हजयात्रियों को फाइनल धनराशि को हज कमेटी ऑफ इंडिया के खाते में जमा करानी होगी।
केंद्र सरकार की ओर से हजयात्रा पर लगाई गई जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किए जाने के बावजूद हजयात्रा काफी महंगी होगी। इसका कारण तो रुपये के सापेक्ष सउदी अरब की मुद्रा रियाल की मजबूती माना जा रहा है। 2019 में हजयात्रा पर लखनऊ से जाने वाले अजीजिया कैटेगरी के हजयात्रियों को सबसे अधिक खर्च उठाना होगा। 27850 रुपये यात्रा महंगी हो गई है।
अब दो लाख, 53 हजार, 850 रुपये खर्च होंगे। ग्रीन कैटेगरी के हजयात्रियों को दो लाख, 90 हजार, 850 रुपये खर्च करने होंगे। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने तीसरी किश्त जमा करने की अंतिम तिथि 20 जून तय की है। पिछले वर्ष दो लाख, 37 हजार, 900 रुपये लिए गए थे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिल्ली से ग्रीन कैटेगरी के हजयात्रियों से दो लाख, 78 हजार, 650 रुपये लगेंगे। पिछले वर्ष यह दो लाख, 51, हजार, 950 रुपये थे। वाराणसी से हज जाने वाले हजयात्रियों को अजीजिया कैटेगरी को 22800 अतिरिक्त बोझ डाला है। दो लाख, 60 हजार 700 और पिछले वर्ष दो लाख, 37 हजार रुपये देना पड़ा था।