गुरुग्राम में रफ्तार के कहर ने पांच जिंदगियों को लील लिया। मृतकों एक युवक और युवती आगरा के रहने वाले हैं। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। परिजन गुरुग्राम के लिए रवाना हो गए।
गुरुग्राम-दिल्ली जयपुर हाईवे पर शनिवार सुबह झाड़सा फ्लाईओवर के पास हुए हादसे में जान गंवाने वाले आदित्य प्रताप घर के इकलौते बेटे थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिजन गुरुग्राम के लिए रवाना हो गए। घर में सन्नाटा पसर गया।
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जज कंपाउंड स्थित अपार्टमेंट निवासी आदित्य गुरुग्राम में दोस्तों के साथ रहकर प्राइवेट कंपनी में नौकरी कर रहे थे। पड़ोसियों ने बताया कि आदित्य के पिता यतेंद्र प्रताप सिंह गैंगस्टर कोर्ट में कार्यरत हैं। मां चित्रलेखा सरकारी अध्यापक हैं जबकि बहन सृष्टि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। परिजन गुरुग्राम के लिए रवाना हो गए हैं।
एक दोस्त ने बताया कि आदित्य ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी मॉडल स्कूल से पढ़ाई की थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह गुरुग्राम चले गए थे। अगर किसी साथी को कोई जरूरत पड़ जाए तो मदद के लिए तैयार खड़े रहते थे।
लावण्या कर रही थी एलएलबी
सड़क हादसे में शहर के शास्त्रीपुरम की लावण्या की भी मौत हुई है। वह ग्रेटर नोएडा के लॉ कॉलेज में एलएलबी द्वितीय वर्ष में थीं। कॉलेज के ही हॉस्टल में रहती थीं। लावण्या के पिता आईटीबीपी में इंस्पेक्टर हैं और वर्तमान में सिक्किम में तैनात हैं।
हादसे में जज की बेटी समेत पांच की मौत
गुरुग्राम में रफ्तार के कहर ने पांच जिंदगियों को लील लिया। शनिवार तड़के करीब 4.30 बजे दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) के एग्जिट पॉइंट-9 पर तेज रफ्तार थार गाड़ी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में मौके पर ही दो युवकों व दो युवतियों की मौत हो गई थी, जबकि एक युवती ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। एक युवक मेदांता अस्पताल में वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। पुलिस ने पांचों शव को मोर्चरी पहुंचाकर पीड़ितों के परिजनों को सूचना दे दी।
मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के आदित्य प्रताप सिंह (30), प्रतिष्ठा मिश्रा (25), लावण्या (26), गौतम (31) और अदिति सोनी के रूप में हुई। वहीं, कपिल शर्मा (27) अस्पताल में उपचाराधीन है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली निवासी प्रतिष्ठा मिश्रा के पिता चंद्रमणि मिश्रा रायबरेली में जज हैं। वहीं, आगरा के शास्त्री पुरम निवासी लावण्या ग्रेटर नोएडा के लॉयड लॉ कॉलेज में एलएलबी द्वितीय वर्ष में पढ़ रही थीं।
आगरा के ही रहने वाले आदित्य प्रताप सिंह नोएडा की एक निजी कंपनी में काम करते थे और उनके पिता जितेंद्र पाल सिंह आगरा कचहरी में स्टेनो हैं। सोनीपत के मोहाना गांव निवासी गौतम इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद अभी नोएडा में एक कंपनी में काम करते थे। दिल्ली के ग्रेटर कैलाश निवासी अदिति सोनी गाजियाबाद स्थित एक कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थी। गंभीर रूप से घायल बुलंदशहर निवासी कपिल शर्मा नोएडा की एक निजी कंपनी में नौकरी करता है और उसके पिता उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक के पद पर नियुक्त हैं।
सभी युवक-युवतियां नोएडा से गुरुग्राम स्थित कल्ब इबोला गए थे
जांच में पता चला है कि हादसे के शिकार सभी युवक-युवतियां शुक्रवार की रात को नोएडा से थार गाड़ी (यूपी 81 सीएस 2319) में सवार होकर सिग्नेचर चौक के पास इबोला क्लब में आए थे। शनिवार तड़के 4.12 बजे वे क्लब से निकले और 4.22 बजे वे दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) पर चढ़े थे। इसके बाद दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) के एग्जिट पॉइंट-9 पर थार गाड़ी हादसे का शिकार हो गई।
100 किमी प्रति घंटे से ज्यादा थी रफ्तार
पुलिस ने जब सीसीटीवी कैमरों की जांच कराई तो पता चला कि थार 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी अधिक गति में दौड़ रही थी। आशंका है कि तेज रफ्तार के कारण गाड़ी अनियंत्रित होकर पलटी खाते हुए डिवाइडर से जा टकराई। हादसे की सूचना मिलते ही सेक्टर-40 थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल थार गाड़ी को हटवाया।
क्लब के अंदर लगे सीसीटीवी की जांच की जाएगी
गुरुग्राम के सेक्टर 40 के थाना निरिक्षक ललित सिंह ने कहा कि हादसे का शिकार हुए युवाओं ने शराब का सेवन किया था या नहीं और वे किस समय क्लब में आए थे, इबोला क्लब के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच के बाद इसका पता चलेगा। फिलहाल शनिवार की शाम को पांचों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। जांच जारी है।