गुरु पूर्णिमा पर रविवार को सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। वर्षा की दृष्टि से यह योग शुभ माना जा रहा है। रविवार को ही वर्षा के नक्षत्र पुनर्वसु में सूर्य का प्रवेश होगा। शनिवार को पूर्वाह्न 11:35 बजे से पूर्णिमा तिथि शुरू हो गई है। रविवार को सुबह 10:15 बजे तक रहेगी। ज्योतिषाचार्यों एवं धर्माचार्यों का कहना है कि इस दौरान किए सभी कार्य शुभ होंगे।
ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि संक्रमण के कारण इस बार बटेश्वर में साधु-संतों के अखाड़ों में बडे़ आयोजन नहीं होंगे। शिव मंदिरों के पट बंद रहेंगे।
पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि भक्त सोशल मीडिया पर ब्रह्मलाल जी महाराज के दर्शन कर सकते हैं। पूर्णिमा तिथि में ब्रह्मलाल जी महाराज के फूलों से विशेष शृंगार के दर्शन कराए जाएंगे।