बदमाश रेकी करके आए थे। पुलिस ने अब तक दो लाइन पर काम किया। एक तो खंदौली के पोइया की जमीन का विवाद, दूसरा विश्वविद्यालय के प्रकरण। दोनों में 24 लोगों से पूछताछ की गई लेकिन हमले से तार नहीं जुड़ सका।
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ऐसे में पुलिस ने लाइन बदल ली। अब वजह तलाशने के बजाय शूटरों की खोज की जा रही है। अगर वे मिल जाते हैं तो वजह उनसे ही मालूम की जाएगी लेकिन उनकी भी पहचान नहीं हो पा रही है। पुलिस ने एत्माद्दौला, खंदारी, एत्मादपुर के जेल से जमानत पर बाहर चल रहे शूटरों के बारे में भी पड़ताल की है लेकिन हमलावरों तक नहीं पहुंच पाई है।
प्रोफेसर ने बताया, जमीन का विवाद
देहली गेट के अस्पताल में भर्ती प्रोफेसर ने पुलिस को दिए बयान में यही बताया है कि वारदात के पीछे जमीन का विवाद हो सकता है। उनकी किसी से रंजिश नहीं है। प्रोफेसर ने जिन दो भाइयों पर शक किया, उन्हें पुलिस पूछताछ के बाद क्लीन चिट दे चुकी है।
ठोस सुराग नहीं, पर पूछताछ जारी
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद का कहना है कि इस हाईप्रोफाइल केस में अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। चार टीमें लगातार काम कर रही हैं। कई लोगों से पूछताछ चल रही है।