आगरा के ट्रांस यमुना क्षेत्र में 23 जनवरी की रात एक गेस्ट हाउस में राज चौहान की गोली मारकर हत्या की गई थी। जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ में कुछ और नाम सामने आए हैं। अब इनकी पड़ताल कराई जा रही है। इसके लिए जेल में भी पूछताछ होगी। हालांकि पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी अरबाज मंसूरी को मुठभेड़ में ढेर कर चुकी है। वह दरोगा की पिस्टल लेकर भागते समय मारा गया। नौ लोग जेल भेजे गए थे।
हत्या ट्रांस यमुना के टेढ़ी बगिया क्षेत्र के एक गेस्ट हाउस में आपसी गैंगवार में हुई थी। पांच युवकों ने करीब 18 गोलियां चलाई थीं। घटना के बाद से ही राज चौहान की मां क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा रही थीं। उन्होंने एक इंस्पेक्टर पर संरक्षण देने का भी आरोप लगाया। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के आदेश के बाद पुलिस ने मोनू की संलिप्तता की जांच की। हत्या करने वालों का संबंध गैंगस्टर आलोक यादव से होने का भी पुलिस को पता चला, जो पहले से ही जेल में बंद है।
मोनू यादव से जान का खतरा बताते हुए राज की मां ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी। इसके बाद मोनू के बारे में पड़ताल के लिए टीम लगाई गई। मोनू पुराने मामले में कोर्ट में पेश होकर जेल चला गया। पुलिस अब राज चौहान हत्याकांड में आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी कर रही है। अब तक जेल भेजे गए आरोपियों से पूछताछ के बाद छह से अधिक और नाम सामने आए हैं।
इनका हत्याकांड में संबंध है या नहीं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की टीम जल्द ही जिला जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ करेगी। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास का कहना है कि हत्याकांड में साक्ष्य संकलन किया गया है। जल्द ही आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा।