आठ से दस कंपनियां चिह्नित की गई हैं। लोगों का पैसा वापस दिलाने के लिए इन कंपनियों के ठिकानों की जांच कराई जाएगी। संपत्तियां कुर्क कर नीलामी से प्राप्त रकम से पीड़ितों का भुगतान कराया जाएगा।
आगरा में 20 हजार से अधिक लोग चिट फंड कंपनियों के झांसे में आकर 50 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का शिकार हो गए। रकम दोगुनी करने का लालच देने वाली कंपनियों के संचालक फरार हैं। अब जमा रकम की वापसी के लिए पीड़ित सदर तहसील में उमड़ रहे हैं। पिछले 5 दिन में 20 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं।
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मलपुरा निवासी नरेंद्र पाल सिंह ने 40 हजार रुपये की रकम गंवाई है। शनिवार को वह जमा रकम की वापसी के लिए दावा करने सदर तहसील पहुंचे। उन्होंने बताया कि 27 अगस्त, 2011 में 40 हजार रुपये जमा कराए थे। छह साल में यानी 2017 में 83 हजार रुपये मिलने थे। लेकिन कंपनी के संचालक फरार हो गए। नरेंद्र की तरह नगला पदी निवासी मनोज ने 50 हजार रुपये गंवाए हैं। उन्होंने बताया कि फाइनेंस कंपनी धोखाधड़ी के बाद फरार हो गई है।
तहसीलदार रजनीश वाजपेयी ने बताया कि 20 हजार शिकायतें प्राप्त हुई हैं। आठ से दस कंपनियां चिह्नित की गई हैं। लोगों का पैसा वापस दिलाने के लिए इन कंपनियों के ठिकानों की जांच कराई जाएगी। संपत्तियां कुर्क कर नीलामी से प्राप्त रकम से पीड़ितों का भुगतान कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि 50 करोड़ रुपये के दावे आ चुके हैं। बाकी प्रार्थनापत्रों की सूचनाएं एकत्र की जा रही हैं। उसके बाद ही पता चलेगा कि कुल कितनी रकम ठगी गई है।