इनर रिंग रोड स्थित रहनकलां व रायपुर गांव में 442 हेक्टेयर भूमि एडीए ने 2009-10 में अधिग्रहीत की थी। कागजों में भूमि एडीए के नाम दर्ज हो गई, लेकिन किसानों को मुआवजा नहीं मिलने के कारण जमीन पर कब्जा नहीं मिला। करीब 3200 किसानों के लिए 482 करोड़ रुपये मुआवजा बांटा जा रहा है।
जिला भूमि अध्याप्ति अधिकारी प्रशांत तिवारी ने बताया कि 242 करोड़ रुपये का मुआवजा बट चुका है। अगले एक महीने में पूरा मुआवजा वितरित कर दिया जाएगा। एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि मुआवजा बटने के साथ ही भूमि का सर्वे और कब्जा लेने की प्रक्रिया भी शुरू कराई जा रही है।
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रहनकलां व रायपुर में शासन ग्रुप हाउसिंग योजना ला सकता है। इस आवासीय प्रोजेक्ट के लिए एडीए ने दिल्ली की एक फर्म से सर्वे के लिए करार किया है। सबसे पहले सड़क किनारे की भूमि पर एडीए कब्जा लेगा। इसके लिए प्रभावित किसानों को प्राथमिकता पर मुआवजा दिया जा रहा है। रहनकलां में 40 प्रतिशत और रायपुर में 70 प्रतिशत किसानों को मुआवजा मिल चुका है।