केवल तीन वार्डों में टैग की स्कैनिंग
नगर निगम ने ताजमहल के पास दो किमी में सफाई की जिम्मेदारी निजी कंपनी लॉयन सर्विसेज को दी है। कंपनी अक्तूबर में ताजगंज के तीन वार्डों के कुछ घरों में आरएफआईडी टैग की स्कैनिंग शुरू कर सकी है जबकि कंपनी को यह काम अप्रैल से ही शुरू करना था। शहर में 3.20 लाख घरों में से महज चार हजार घरों तक ही स्कैनिंग की जा रही है। शहर में सौ वार्ड हैं।
चार-पांच दिन बाद आते हैं कचरा उठाने
मारुति एस्टेट निवासी सुनील मानवानी ने बताया कि दो साल पहले आरएफआईडी टैग लगा गए थे। अब वह भी टूट गए हैं। कूड़ा डस्टबिन के अंदर जितना है, उससे ज्यादा बाहर बिखरा रहता है। चार से पांच दिन बाद डस्टबिन लेने आते हैं। सड़क पर पूरे सप्ताह कचरा बिखरा रहता है।
दो साल से कोई नहीं आया टैग स्कैन करने
महर्षिपुरम निवासी पवन कुमार ने कहा कि एक महीने तक टैग स्कैन करने के लिए कर्मचारी आए। पिछले दो साल से कोई नहीं आ रहा। टैग चटक कर आधा टूट गया। घर के पास डस्टबिन रखा है। यह पूरा भरने के बाद जब दुर्गंध देने लगता है तब दो दिन बाद उठाने के लिए आते हैं।