दीक्षांत समारोह में जल भरो प्रकल्प का शुभारंभ करतीं राज्यपाल
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आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 88वें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति और राज्यपाल आनंदीबेन ने कहा कि लड़कियों अगले वर्ष 100 फीसदी पदक अपने नाम कर लो। इस दीक्षांत समारोह में 97 पदक छात्राओं को और 26 पदक छात्रों को मिल रहे हैं। उन्होंने छात्राओं को सर्वाधिक पदक प्राप्त करने के लिए बधाई दी। कहा कि 21वीं सदी के सशक्तिकरण का ये उत्तम उदाहरण और परिणाम है। छात्र-छात्राओं से कहाकि अपने माता-पिता को कभी न भूलें। राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह में सबसे पहले जल भरो अभियान की शुरुआत की। उन्होंने मटके में जल डाला। इसके बाद कुलपति प्रो. आशुरानी और रजिस्ट्रार ने भी जल डाला।
कुलाधिपति ने कहा कि परंपरागत खेलों की स्पर्धा को प्रधानमंत्री ने शुरू कराकर बेहतर प्रयास किया है। सांसद, विधायकों ने ये किया भी। नतीजा ये हुआ कि आज की पीढ़ी भी परम्परागत खेलों से अवगत हुई है यूनिवर्सिटी का मतलब चार लेक्चर नहीं होता है। सामाजिक सरोकारों को भी जोड़ना जरूरी हैं। ये होना ही चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रतिवर्ष 30 फीसदी पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाना जाना प्रस्तावित है। पुराना ढर्रा नहीं चलाना है। यही है नई शिक्षा नीति का उद्देश्य।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का 88वां दीक्षांत समारोह खंदारी परिसर स्थित शिवाजी दीक्षांत मंडपम में शुरू हो गया है। इसमें पदकों के साथ 82 छात्र-छात्राओं की मेधा चमकेगी। एफएच मेडिकल कॉलेज की हुमा जाफर को सर्वाधिक 11 पदक मिलेंगे। कुल 123 पदक दिए जाएंगे।
इसके बाद कुलपति आवास से दीक्षांत समारोह की शोभायात्रा निकाली गई।एनसीसी की 70 एनसीसी कैडेट्स ने कुलाधिपति को सलामी दी। शोभायात्रा में यूनिवर्सिटी मॉडल स्कूल का घोष दल भी शामिल हुआ। शोभायात्रा शिवाजी मंडपम पहुंचीं। इसके बाद राष्ट्रगीत और विश्वविद्यालय के कुलगीत का गायन किया गया। जिसके बाद 88वें दीक्षांत समारोह को शुरू कराने की घोषणा की गई।इस दौरान जल भरो अभियान की शुरुआत भी की गई। जल की जीवन में महत्ता को गीत के माध्यम से समझाया गया। इसके बाद डिग्रियां व पदक दिए जाने शुरू हुए।