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Agra: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बोलीं- देश के विकास के लिए ‘केजी टू पीजी’ के मंत्र पर काम करें

Wed, 20 Aug 2025 11:05 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, आगरा

सार

राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों के शोध कार्य की गुणवत्ता और उस शोध को देशहित से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले शोध बेहतर नहीं होते थे। सुधार कराया तो शोध हो रहे लेकिन उसके बाद आगे कुछ नहीं हो रहा।
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डॉ. आंबेडकर विवि के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने देश में तीन स्तरों पर चल रहे शिक्षा क्षेत्र के लिए अलग-अलग तरह के पाठ्यक्रम के बजाय एकीकृत पाठ्यक्रम तैयार करने को वक्त की जरूरत बताया। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के शिवाजी मंडपम में बुधवार को आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए ‘केजी टू पीजी’ मंत्र पर काम करने की जरूरत है।

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उन्होंने कहा कि केजी से लेकर आठवीं, बारहवीं और स्नातक के लिए अलग-अलग तरह के पाठ्यक्रम रखने के बजाय एकीकृत पाठ्यक्रम तैयार करें। इसके लिए शिक्षा विभाग के साथ समाज कल्याण व अन्य विभागों के अधिकारी बैठकर चर्चा करें और अगले 10-15 साल का विजन प्लान तैयार करें। ऐसा करने से न सिर्फ युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि देश का भी विकास होगा।

शोध को देशहित से जोड़ने पर जोर
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों के शोध कार्य की गुणवत्ता और उस शोध को देशहित से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले शोध बेहतर नहीं होते थे। सुधार कराया तो शोध हो रहे लेकिन उसके बाद आगे कुछ नहीं हो रहा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश के 12 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ चर्चा की गई है। कोशिश की जा रही है कि जो शोध हो, उसके परिणाम या सलाह का देशहित में बेहतर उपयोग किया जाए। कहा कि सरकार ग्रांट देती है लेकिन खर्च नहीं हो पा रही है। विश्वविद्यालय इस रवैये को बदलें और ग्रांट बांटे ताकि गुणवत्तापूर्ण शोध हो सके।
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कामकाज पर जताई चिंता
विश्वविद्यालयों के कामकाज पर चिंता जताते हुए कहा कि कई जगह शिक्षक और छात्र फर्जी डिग्री के मामले में पकड़े जा रहे हैं। पेपर लीक होने जैसी घटना हो रही हैं। ये कोई और नहीं कर रहा, यहीं के लोग शामिल हैं। फर्जी मार्कशीट लेकर देश के विकास में कैसे योगदान दिया जा सकता है।

समर्थ पोर्टल से बच रहे 200 करोड़
राज्यपाल ने कहा कि पहले विश्वविद्यालय निजी कंपनियों से आईटी संबंधी कार्य कराते थे। इसमें 200 करोड़ रुपये तक खर्च होता था। सरकार का समर्थ पोर्टल अब 40 से ज्यादा सेवाएं एक ही जगह पर उपलब्ध करा रहा है जिससे अब यह खर्च शून्य हो गया है।

दीक्षांत समारोह में 117 मेडल दिए
दीक्षांत समारोह में 77 मेधावियों को कुल 117 मेडल दिए गए। इसमें 100 स्वर्ण और 17 रजत रहे। स्नातक-परास्नातक के 82,462 मेधावियों को डिग्री दी गई। 144 शोधार्थियों को पीएचडी की डिग्री मिली। सबसे ज्यादा 11 मेडल एसएन मेडिकल कॉलेज के शिखर सिंह को मिले। मंच पर एक के बाद एक मेधावियों को मेडल देते ही पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा।

मुख्य अतिथि इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. केजी सुरेश और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जैसे ही मेधावियों के गले में मेडल पहनाए, दृश्य देख उनके परिजन की आंखें खुशी से छलक पड़ीं।समारोह में राज्यपाल के क्लिक करते ही 2024-25 सत्र के 82,462 छात्रों की डिग्रियां डिजी लॉकर में अपलोड हो गईं। कुलपति प्रो. आशु रानी ने 2024-25 सत्र की विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का ब्योरा प्रस्तुत किया। सभी संकाय अध्यक्षों ने कला, विज्ञान, वाणिज्य, कृषि वर्ग के छात्रों को डिग्री देने की घोषणा की।

सात मेधावियों के हिस्से 30 मेडल
समारोह में सात मेधावियों को 30 मेडल मिले। इनमें एसएन मेडिकल कॉलेज के शिखर सिंह को 11, शिकोहाबाद के नारायण कॉलेज के सुविद जैन को 4 मेडल मिले हैं। आगरा कॉलेज की अनुष्का व मानसी शर्मा, सेंट जोंस कॉलेज के निखिल धाकड़, मथुरा के आरसीए गर्ल्स कॉलेज की साक्षी ठाकुर और मैनपुरी के कुंवर आरसीएम कॉलेज की आशा किरण को 3-3 मेडल मिले हैं।

शोध-सामाजिक कार्य में शिक्षक पुरस्कृत
समारोह में पहली बार शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। इसमें शोध में प्रो. गौतम जैसवार, सामाजिक कार्य में प्रो. अर्चना सिंह और ओवरऑल गतिविधियों में प्रो. मनुप्रताप सिंह को अवाॅर्ड दिया गया है।

इनका किया लोकार्पण-शिलान्यास
चंदन एवं योग वाटिका, नई शिक्षा नीति (एनईपी) की प्रयोगशाला, रसायन विज्ञान के स्नातक छात्रों के लिए प्रयोगशाला, रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन, एसआर रंगनाथन केंद्रीय पुस्तकालय की लिफ्ट युक्त द्वितीय-तृतीय तलों का नवीनीकरण कार्य, नेताजी सुभाष चंद बोस छलेसर परिसर के सरस्वती भवन के नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य, केएमआई के अभिलेख धरोहर ई-संग्रहालय, सामुदायिक रेडियो में तकनीकी सुविधाओं का उच्चीकरण कार्य, पीएम ऊषा योजना के अंतर्गत 17 शिक्षण कक्षों का डिजिटलीकरण, पालीवाल पार्क परिसर स्थित बृहस्पति भवन के नवीनीकरण कार्य का लोकार्पण किया। पीएम ऊषा योजना के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद परिसर स्थित आईईटी के नवीनीकरण कार्य, केंद्रीय उच्च तकनीकी उपकरण केंद्र कणाद भवन का शिलान्यास किया गया।

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