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एफपीओ से संवरेगी किसानों की किस्मत, सरकार भी करेगी मदद: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

Sat, 16 Jan 2021 12:16 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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राज्यपाल ने किसानों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ की बैठक - फोटो : अमर उजाला
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तीन दिवसीय दौरे पर आगरा आईं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार दोपहर सर्किट हाउस में किसान संगठनों से बातचीत के दौरान कहा कि कृषक उत्पादक संघ (एफपीओ) को किसानों को अपनाना चाहिए। उत्पादक समूह बनाकर खेती करने से उनकी किस्मत संवर जाएगी। सरकार न केवल आर्थिक मदद देगी बल्कि प्रशिक्षण भी दिलाएगी। प्रोसेसिंग से लेकर पैकेजिंग तक में किसानों को शामिल रखा जाएगा, इसलिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

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राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश और किसान सरकार किसानों के लिए योजनाए चला रही हैं। कृषि सम्मान निधि ने बड़ी राहत दी है। कृषक उत्पादक संघ के बारे में बताया कि इसमें 300 से 500 तक के किसानों का समूह होना चाहिए। ये मिलकर खेती करें। इसमें सरकार जैविक खेती का प्रशिक्षण दिलाती है और संसाधन भी मुहैया कराती है। कृषकों की आय बढ़ाने के लिए नवाचार जरूरी है। नई तकनीक में पानी और लागत की बचत होती है।

'पढ़े लिखे बच्चे किसानों को जागरुक करें'
राज्यपाल ने कहा कि गांवों में जो बच्चे पढ़ लिख गए हैं, उनकी जिम्मेदारी है कि वे किसानों को जागरुक करें। उन्हें जैविक खेती के बारे में बताया कि प्रमाणित बीजों की जानकारी दें, कृषि में हो रहे शोध के बारे में बताएं और मंडियों में व्यापार के नए तरीकों के बारे में भी समझाएं। 

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कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य ऋषि कुमार, मृणाल अग्रवाल, किसान संघ प्रांत के नेता मोहन सिंह चाहर, प्रेम सिंह अरदाया ने राज्यपाल से कहा कि वे एफपीओ के माध्यम से किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उन्हें जागरुक कर रहे हैं।

'दहेज प्रथा का खात्मा कर दो'
महिलाओं के स्वयं सहायता समूह से बैठक में राज्यपाल ने कहा कि दहेज प्रथा का अब खात्मा कर दो। लोग दहेज देते समय इसे गलत समझते हैं लेकिन लेते समय नहीं। यह सोच ही गलत है। दहेज की नीयत ही नहीं रखनी चाहिए, प्रथा अपने आप खत्म हो जाएगी। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे सिर्फ काम पर ध्यान दें। एनजीओ बनाते समय जो लक्ष्य रखा है, उसे पूरा करें। एक लक्ष्य पूरा हो जाए तो दूसरा बनाएं।
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