मैनपुरी के सरकारी विद्यालय का हाल चौंकाने वाला है। ये विद्यालय तालाब बन गया। आलम ये था कि यहां बैठना तो दूर की बात, विद्यालय में घुसने की जगह तक नहीं मिली।
मैनपुरी के घिरोर में प्राथमिक विद्यालय ढकरई में पानी भरा है। यहां स्थिति तालाब जैसी है। ऐसे में शिक्षक पास ही परचून की दुकान के बाहर पाठशाला लगा रहे हैं। विकास खंड घिरोर के प्राथमिक विद्यालय ढकरई का पूरा परिसर बारिश के पानी से लबालब भरा हुआ है। परिसर में कहीं एक फीट तो कहीं डेढ़ फीट तक पानी भरा है। एक माह से भी अधिक समय से पानी भरा होने से पूरे परिसर में झाड़ियां उग आई हैं।
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यहां तैनात प्रभारी प्रधानाध्यापिका रेनू और सहायक अध्यापिका निरूपा प्रतिदिन स्कूल आती हैं। जलभराव के कारण बच्चे तो क्या वह स्वयं भी स्कूल नहीं पहुंच पाती हैं। कई दिनों तक शिक्षण कार्य बाधित होने से अब उन्होंने स्कूल के बाहर संचालित एक परचून की दुकान के बाहर ही पाठशाला लगाना शुरू कर दिया। यहां बमुश्किल 15 से 20 बच्चों के बैठने की ही व्यवस्था हो पाती है। जब भी कोई व्यक्ति दुकान से कोई सामान खरीदने आता है तो बच्चों को गेट के सामने से हटना पड़ता है। शिक्षिकाओं ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भी दी है, लेकिन किसी ने इस समस्या का निदान कराने की पहल नहीं की। हाल ये है कि धीरे-धीरे अब शिक्षण कार्य पूरी तरह ठप पड़ गया है।
बारिश और धूप में घर चले जाते हैं बच्चे
परचून की दुकान के बाहर किसी तरह शिक्षिकाएं कक्षाओं का संचालन कर रही हैं, लेकिन यहां कक्षा संचालन में भी दिन में कई बार परेशानी आती है। बारिश आने पर जब बच्चे भीगते हैं तो वे अपने घर भाग जाते हैं। वहीं तेज धूप होने पर भी मजबूरी में बच्चों को घर जाने की अनुमति देनी पड़ती है। दरअसल शिक्षिकाओं को ये भी डर सताता रहता है कि अगर किसी बच्चे की तबीयत तेज धूप में खराब हो गई तो आखिर कौन जिम्मेदार होगा।
ग्रामीणों में भी है नाराजगी
स्कूल में जलभराव के कारण गांव के बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। इसे लेकर ग्रामीणों में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि जब स्कूल में पढ़ाई ही नहीं हो पाएगी तो बच्चे सीखेेंगे क्या। प्रशासन को इस समस्या का निदान करना चाहिए। ग्रामीण राजेश कुमार, पप्पू प्रजापति, धर्मवीर सिंह, लक्ष्मी कांत, जयवीर सिंह आदि ने जिलाधिकारी से संज्ञान लेने की मांग की है।
एसडीएम घिरोर प्रसून कश्यप ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय ढकरई में जलभराव और झाड़ियां खड़े होने का मामला संज्ञान में नहीं था। तत्काल बीडीओ और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर जलनिकासी कराई जाएगी। स्कूल में विधिवत कक्षाओं का संचालन कराया जाएगा। मैं खुद जाकर स्कूल का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं कराऊंगा। ग्रामीण उत्तम चंद्र का कहना है कि कई बार शिकायत की गई लेकिन आज दिन तक कोई सुनवाई नहीं हुई । जिसके चलते विद्यालय परिसर भी जलभराव और खरपतवार की वजह से छात्र-छात्राएं विद्यालय कम आ रहे है। ग्रामीण जयवीर सिंह का कहना है कि जलभराव की वजह से बच्चे स्कूल में नहीं पहुंच पा रहे है। सड़क पर कक्षाएं लग रही है। उच्च अधिकारियों भी शिक्षा की तरफ कोई ध्यान नही दे रहे हैं।