परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थी चालू सत्र में चार दिन ही पढ़ पाएंगे। इन्हें रोस्टर से बुलाया जा रहा है। एक विद्यार्थी को सप्ताह में एक दिन ही विद्यालय जाना है। अप्रैल में नया सत्र शुरू हो जाएगा। ऐसे में मार्च के चार सप्ताह में विद्यार्थी एक-एक दिन विद्यालय जा पाएंगे जबकि पाठ्यक्रम पूरे साल का पढ़ना है। जिन विद्यार्थियों के पास मोबाइल फोन नहीं है, वे ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पाए है।
प्राथमिक विद्यालय बुढ़ान सैयद के प्रधानाध्यापक व यूटा के जिला महामंत्री राजीव वर्मा का कहना है कि सत्र के शुरूआत से ही जिन विद्यार्थियों के पास स्मार्ट फोन थे, उनको ऑनलाइन पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई गई। ये 10 से 15 फीसदी ही हैं। भेजी गई पाठ्य सामग्री को भी कई विद्यार्थियों ने ठीक से पढ़ा नहीं है। ऐसे में सभी विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम शुरूआत से पढ़ाया जा रहा है, जिससे वह समझ सकें। कक्षा एक से आठ तक जिले में करीब 2.41 लाख विद्यार्थियों का पंजीकरण है।
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कंपोजिट विद्यालय, जगदीशपुरा की प्रधानाध्यापिका कीर्ति दुबे का कहना है कि सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थी को हफ्ते में दो दिन ही बुलाना है, वह भी 50 फीसदी को ही। इस तरह से हफ्ते में एक कक्षा के विद्यार्थी को एक ही दिन स्कूल आना है। विद्यार्थियों के पढ़ाई का स्तर बहुत ही निम्न है। इनको पूरे पाठ्यक्रम को नए सिरे से पढ़ाने की जरूरत है। मार्च में सत्र संपन्न हुआ तो कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थी को पूरे माह चार से पांच दिन ही पढ़ने का मौका मिलेगा।