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सरकारी हेल्पलाइन ‘हेल्पलेस’

Sun, 17 Jan 2016 02:01 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आगरा
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100 नंबर यानी आपके साथ किसी भी अपराध या किसी भी घटना की जानकारी पुलिस को देने का सबसे आसान तरीका, लेकिन पुलिस का यह हेल्प लाइन नंबर लोगों के लिए हेल्पलेस है। पुलिस अफसरों के दावे तो ऐसे थे कि हेल्पलाइन पर कॉल करने से पुलिस जल्द पहुंचेगी और कंप्यूटर पर दर्ज शिकायत पर कार्रवाई भी होगी। लेकिन कई मामलों में एक घंटे बाद तक पुलिस पहुंची है। यही हाल शिक्षा, स्वास्थ्य, आपूर्ति आदि विभागों और महिला अपराधों से जुड़ी हेल्पलाइनों का भी है।
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पुलिस कंट्रोल रूम 100 नंबर के काम न करने पर पुलिस अफसरों का दावा भी हास्यास्पद है। पुलिस अफसरों के मुताबिक, हर दिन 100 तक शिकायतें आती हैं और आठ फोन लाइनें हैं, ऐसे में हर घंटे एक शिकायत रिसीव करने का औसत भी नहीं बनता, लेकिन दावे बिजी रहने के किए जाते हैं। पुलिस की तरह ही हाल वूमन हेल्पलाइन नंबर 1090 का भी है।
पुलिस शिकायत पर 8-10 मिनट में पहुंचती है। हर दिन 90-100 शिकायतें आती हैं। आठों लाइनों पर 24 घंटे पुलिसकर्मी शिकायतें सुनते हैं। अधिक कॉल आने से लाइन बिजी हो जाती है।
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अशोक कुमार त्रिपाठी, एसपी प्रोटोकॉल
हर विभाग का यही हाल
पुलिस ही नहीं अन्य सरकारी विभागों ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। ‘अमर उजाला’ ने शनिवार को पड़ताल की तो पाया कि इनमें से अधिकांश काम ही नहीं करते। बिजली हो या नगर निगम, शिक्षा हो या स्वास्थ्य, रेलवे हो या रोडवेज, या फिर किसानों के लिए बनाई गई हेल्पलाइन, इनमें से अधिकांश काम ही नहीं करतीं।
नहीं लगता इमरजेंसी का फोन
एसएन मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में अगर कोई जानकारी करना चाहता है तो यहां का फोन नहीं लगेगा। इमरजेंसी का फोन नंबर 0562-2264428 कई महीनों से खराब है। यहां के मेडिकल अफसर इसका नंबर सही नहीं करा सके। प्राचार्य डा. एसके गर्ग के मुताबिक, शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इसे ठीक नहीं किया गया।
‘जाम’ में फंसा ट्रैफिक हेल्पलाइन 1073
ट्रैफिक पुलिस ने जाम की जानकारी के लिए 1073 नंबर जारी किया है, लेकिन पड़ताल में शनिवार शाम 4 से 6 बजे के बीच इसे लगातार डायल किया गया, लेकिन यह नंबर स्विच आफ बताया जाता रहा। ट्रैफिक पुलिस इस नंबर के सुचारू रहने का दावा करता रहा, लेकिन रात में भी यह नंबर स्विच आफ था।
नगर निगम की पहल किसी काम की नहीं
गंदगी, सफाई संबंधी शिकायत-सहायता के लिए के लिए नगर निगम ने टोल फ्री नंबर 18001803015 जारी किया था, लेकिन अब इस नंबर को डायल करने पर कॉल रिसीव नहीं होती। पूर्व नगर आयुक्त डीके सिंह ने टोल फ्री नंबर पर पूरा सिस्टम तैयार किया था, लेकिन अब शिकायत करने के लिए नगर निगम ही जाना होगा।
बाट-माप का टोल फ्री नंबर बंद
उपभोक्ताओं की शिकायत दर्ज करने के लिए राज्य उपभोक्ता हेल्पलाइन के ट्रोल फ्री नंबर 18001800300 की शनिवार को पड़ताल की गई तो यह बंद मिला। सहायक नियंत्रक विधिक माप (बांट-माप) कार्यालय इसका प्रचार करता रहा है, लेकिन जब नंबर ही बंद है तो शिकायत किससे की जाए।
गनीमत है, कलेक्ट्रेट में फोन उठे
हेल्पलाइन पड़ताल में सिर्फ कलेक्ट्रेट के कंट्रोल रूम (0562-2260550) और शिकायत प्रकोष्ठ  (0562-2260115) के फोन उठे। शनिवार शाम 6:45 पर कंट्रोल रूम और इसके तुरंत बाद शिकायत प्रकोष्ठ में फोन किया गया था। हालांकि कलेक्ट्रेट से बावस्ता कुछ लोगों ने इसे सिर्फ संयोग बताया।
केस- 1
शुक्रवार शाम 6:30 बजे प्रताप नगर चौराहे पर ट्यूशन पढ़कर आ रही छात्रा विनायिका का बैग और फोन छीनने का प्रयास बाइक सवार बदमाशों ने किया। बैग तो रह गया, लेकिन फोन लूट ले गए। विनायिका ने तुरंत 1090 नंबर डायल किया, लेकिन बिजी रहा। 100 नंबर डायल किया, रिसीव नहीं हुआ। 40 मिनट तक दोनों नंबर पर रिस्पांस नहीं मिला।
केस - 2
राजीव टाकीज के पास पुष्पांजलि धाम में एक शोरूम में शुक्रवार दोपहर दो बजे कुछ युवकों ने मारपीट और तोड़फोड़ कर दी। पीड़ित ने 100 नंबर डायल किया, लेकिन वह नहीं लगा। चौथी बार में कॉल रिसीव कर शिकायत की तो पुलिस 20 मिनट के बाद पहुंची। तहरीर लिए बिना ही पुलिसकर्मी चले गए।
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ये नंबर पड़े हैं बंद
1800-118-002    सीबीएसई स्टूडेंट लाइन
1800-180-1551     किसान कॉल सेंटर
1800-180-1961    आयकर संपर्ककेंद्र
1800-180-5223    वाणिज्य कर सेवा केंद्र
0522-3303030    पर्यटन विभाग
1800-802-877    रोडवेज हेल्पलाइन
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