गीतों के सम्राट गोपाल दास ‘नीरज’ का आखिरी कारवां शनिवार सुबह नौ बजे आगरा पहुंच जाएगा। फेफड़ों में संक्रमण के कारण उनका गुरुवार को दिल्ली स्थित एम्स में निधन हो गया था। उनका पार्थिव शरीर बल्केश्वर स्थित उनकी स्वर्गीय पत्नी मनोरमा के निवास पर रखा जाएगा। यहां लगभग दो घंटे उनके शुभचिंतक उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद गीतों के राजकुमार की अंतिम यात्रा उनके निवास अलीगढ़ के लिए रवाना हो जाएगी।
गोपाल दास ‘नीरज’ की दो शादियां हुईं थी। पहली कन्नौज से तो दूसरी आगरा में मनोरमा से। मनोरमा का निधन पहले ही हो चुका है, उनके बेटे और बेटियां बल्केश्वर में ही रहते हैं। शुक्रवार को ‘नीरज’ की देह पर एम्स में लेपन किया गया। उनको0 श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए काफी लोग एम्स पहुंचे।
आगरा में हजारो लोग इंतजार कर रहे हैं, उनके पार्थिव शरीर के यहां आने का। उनकी बेटी डॉ. कुंदनिका शर्मा ने बताया कि वह शनिवार सुबह पांच बजे पिता का पार्थिव शरीर लेकर आगरा के लिए चल देंगी। तीन से चार घंटे आगरा पहुंचने में लग जाएंगे।
उधर, पुलिस ने भी बल्केश्वर में सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। एनएच-2 पर ट्रैफिक जाम हो सकता है। इस कारण से ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। ताजनगरी से ‘नीरज’ का खास रिश्ता रहा।
महाकवि की अंतिम यात्रा के लिए कवियों ने तैयार कराया रथ
गोपाल दास नीरज
महाकवि ‘नीरज’ की अंतिम यात्रा के लिए उनके साथ मंच साझा करने वाले कवियों ने खास रथ तैयार कराया है। इस पर ‘नीरज’ केचित्र लगे होंगे। उनकी कविताओं, गजल और गीतों की पंक्तियां होंगी। इसे तैयार कराया है कवि सम्मेलन समिति ने। ‘नीरज’ जी इसके संरक्षक थे। अध्यक्ष है व्यंग्य के मशहूर कवि अरुण जेमिनी और सचिव रमेश मुस्कान। रमेश मुस्कान ने बताया कि सभी कवि चाहते हैं कि ‘नीरज’ जी का आखिरी कारवां उनके ही अंदाज में निकले। उनकी इच्छा थी कि उनके प्राण काव्य पाठ करते निकलें, वह केवल कविता लिखते और गाते नहीं थे, इसे जीते भी थे। उनकेजीवन दर्शन को ध्यान में रखकर ही कवियों ने यह रथ तैयार कराया है।
देश के वरिष्ठ कवि आएंगे श्रद्धासुमन अर्पित करने
‘नीरज’ को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए देश के बड़े कवि आएंगे। वे जिन्होंने उनके साथ मंच साझा किया और वे भी जिन्होंने उनकी अंगुली पकड़कर मंच पर चढ़ना सीखा। प्रमुख कवियों में अशोक चक्रधर, हरिओम पंवार, अरुण जेमिनी रहेंगे।