गेहूं की बुवाई के बाद उसे बाजार में बेचने के लिए किसानों को कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के गेहूं को देश की विभिन्न मंडियों में पहुंचाने का काम रेलवे करेगा। इसकी शुरुआत मथुरा जंक्शन से हो चुकी है। शनिवार को खाद्यान्न से भरी मालगाड़ी रानीगंज (बिहार) भेजी गई।
लॉकडाउन में रेलवे ने यात्री ट्रेनों के निरस्त रहने के कारण आय के लिए माल ढुलाई में कीर्तिमान स्थापित किए। जहां एक ओर लॉकडाउन में देश के विभिन्न हिस्सों में खाद्य सामग्री व आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई की। वहीं व्यापारियों और किसानों को माल भाड़े में रियायत देकर मालगाड़ियों से माल भेजने को प्रोत्साहित किया। इसका नतीजा रहा कि उत्तर मध्य रेलवे ने माल ढुलाई में रिकार्ड आय अर्जित की।
आगरा मंडल के जनसंपर्क अधिकारी एसके श्रीवास्तव ने बताया कि मंडल में मथुरा से पहली बार पूरी मालगाड़ी बुक कराने के बाद रानीगंज (बिहार) भेजा गया। उन्होंने बताया कि अब किसानों को अपनी उपज देश की किसी भी मंडी में भेजने के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है।
रेलवे फसल की ढुलाई करने में खास रियायत देगा। यह प्रयोग मथुरा से शुरू हो चुका है। एसके श्रीवास्तव ने बताया कि कारोबारियों के साथ भी रेलवे अधिकारी चर्चा करके उन्हें माल ढुलाई में तय समय सीमा और सुरक्षित सामान पहुंचाने का वायदा निभा रहे हैं।