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UP: आगरा के पास पटरी से उतरी मालगाड़ी, एक्सल बेयरिंग गर्म होने से हादसा; रेलवे ने शुरू की जांच

Mon, 02 Mar 2026 08:54 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

आगरा रेल मंडल में कोयले से लदी मालगाड़ी बेपटरी हो गई। इसके चलते रेल यातायात प्रभावित हुआ। कई ट्रेनें घंटों देरी से चलीं। मामले में रेलवे अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। 
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सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में कोयला लदी मालगाड़ी के पटरी से उतरने के बाद हादसे की वजह को लेकर विभागों के बीच जिम्मेदारी तय करने को आरोप-प्रत्यारोप का दाैर शुरू हो गया है। प्रारंभिक जांच में एक्सल बेयरिंग के अत्यधिक गर्म होने को कारण माना गया है। रेलवे प्रशासन ने मामले में जांच कमेटी गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है, जबकि अलग-अलग विभाग एक-दूसरे पर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं।
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शनिवार को कोयला लदी 59 डिब्बों की मालगाड़ी ओडिशा से अंबाला जा रही थी। यह ट्रेन झांसी से आगरा की ओर आते समय धौलपुर स्टेशन पार करने के लगभग 20 मिनट बाद आगरा मंडल के मानिया स्टेशन के पास तीसरी (मध्य) लाइन पर बेपटरी हो गई, जिससे कई यात्री व मालगाड़ियों का संचालन घंटों प्रभावित रहा।

पांच सदस्यीय जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में एक डिब्बे की एक्सल बेयरिंग के अत्यधिक गर्म होने को कारण माना गया। समिति के चार अधिकारियों ने कोच एंड वैगन (सी एंड डब्ल्यू) विभाग को रखरखाव में लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया। वहीं सीएंडडब्ल्यू अधिकारी ने मैकेनिकल विभाग को हॉट एक्सल के लिए दोषी बताते हुए ट्रैफिक व इंजीनियरिंग विभाग पर ट्रेनों को रोके रखने का आरोप लगाया। उन्होंने गार्ड, गेटमैन, प्वाइंटमैन व डिप्टी एसएस पर धुआं समय पर न देखने का सवाल उठाया और झांसी मंडल को भी कटघरे में रखा।
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जांच पैनल के अन्य सदस्यों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि धौलपुर-मानिया के बीच सभी लेवल क्रॉसिंग दूसरी ओर हैं, इसलिए धुआं दिखना संभव नहीं था और 30-40 किमी तक ट्रेन चलने के दावे का कोई साक्ष्य नहीं है। कर्मचारियों ने लिखित बयान में धुआं न देखने की बात कही, जबकि गार्ड ने धुआं दिखते ही ट्रेन रुकवाने की जानकारी दी। हादसे में रेलवे को 30 लाख रुपये से अधिक नुकसान हुआ। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि जांच कमेटी गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है।
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