फिरोजाबाद के शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन के समीप शुक्रवार की सुबह दिल्ली की तरफ से आ रही मालगाड़ी बेपटरी हो गई। गाड़ी के दो कोच पटरी से नीचे उतर गए। इससे कानपुर-दिल्ली रेल मार्ग बाधित हो गया।
रेल प्रशासन ने सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक से डिब्बों को हटा कर चालू कराया। इसके बाद रेलवे के अफसरों ने राहत की सांस ली। इस दौरान शताब्दी सहित कई ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया। पैसेंजर ट्रेन रद्द कर दी गईं।
सुबह सात बजे जाने वाली टूंडला-कानपुर पैसेंजर रद्द होने से दूर दराज से कालिंद्री एक्सप्रेस से आए यात्री इटावा, कानपुर, मैनपुरी और फर्रुखाबाद जाने के लिए परेशान रहे। बाद में उनको रोडवेज बस से यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
तीन हिंस्सा में बंटी मालगाड़ी
घटनास्थल पर खड़े रेलवे के कर्मचारी व यात्री
- फोटो : अमर उजाला
शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन के समीप तेज गति से आ रही मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि ट्रेन तीन हिस्सों में बंट गई। एक डिब्बा डाउन ट्रैक से अप ट्रैक की तरफ तिरछा हो गया। इससे काफी देर तक अप और डाउन दोनों ही ट्रैक बाधित हो गए।
हादसे की जानकारी होते ही रेलवे में हड़कंप मच गया। एडीआरएम अनिल द्विवेदी समेत रेलवे के आला अधिकारी, कर्मचारी, आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और ट्रैक खाली कराने का कार्य प्रारंभ कर दिया।
टूंडला से राहत दुर्घटना गाड़ी पहुंची और उसमें आए स्टाफ ने ट्रैक पर फंसे कोच को जैक लगा कर उठाया और क्रेन की मदद से पटरी पर रखा। इसके बाद दोनों डिब्बों को हटाकर ट्रैक को साफ कराया। कोच के पहिये और एक्सल आदि से रगड़ा खाने से कई स्लीपर और सिग्नल पॉइंट टूट गए।
12 बजे के बाद चालू हुआ ट्रैक
क्षतिग्रस्त सिग्नल को चेक करता रेलवे कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
राहत दल ने पटरी से उतरे डिब्बों को हटाने के बाद पटरी की मरम्मत का कार्य प्रारंभ कर दिया। कुछ हिस्से की पटरी बदली, स्लीपर और सिग्नल पॉइंट्स को बदला। दोपहर साढ़े 12 बजे ट्रैक चालू किया। ट्रैक चालू होते ही रेल प्रशासन ने राहत की सांस ली।
मालगाड़ी डिरेल होने की वजह से कानपुर-दिल्ली रूट की लखनऊ-शताब्दी एक्सप्रेस, कालका मेल सहित आठ ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया। वहीं तीन पैसेंजर ट्रेन रद्द कर दी गई। इससे यात्रियों को परेशानियों को सामना करना पड़ा।