आगरा में शोध छात्रा की हत्या में इंसाफ की लड़ाई लंबी हो गई है। इसकी वजह जांच का ठीक ढंग से न हो पाना रही है। सीबीआई ने सहआरोपी यशवीर सिंह संधू के खिलाफ सुबूत जुटाने में ढिलाई बरती।
नतीजा यह हुआ कि दो की जगह एक ही आरोपी रह गया, जबकि पुलिस की चार्जशीट में दो आरोपी थे। इस कारण अब कोर्ट में सुनवाई चल रही है कि मुकदमे में सामूहिक दुष्कर्म की धारा लगाई जाएगी या नहीं।
हत्याकांड 15 मार्च 2013 को हुआ था। पहले पुलिस ने जांच की। चार्जशीट दो लोगों के खिलाफ दाखिल की गई। उदयस्वरूप मुख्य आरोपी और यशवीर सिंह संधू सह आरोपी। धाराएं हत्या और दुष्कर्म के प्रयास की लगीं। दोनों आरोपियों को जेल भेजा गया था।