यमुना ब्रिज से माल गोदाम को हटाया जाएगा। नया माल गोदाम भी यमुनापार में ही बनाया जाएगा। इसके लिए रेलवे की जमीन चिह्नित कर ली गई है।
माल गोदाम एत्माद्दौला (बेबी ताज) स्मारक से 500 मीटर की दूरी पर बनाया जाएगा। रेलवे की जमीन पर वाहनों के आवागमन के लिए सड़क बनाए जाने का कार्य भी स्वीकृत हो चुका है।
गधा पाड़ा से तकरीबन 30 साल पहले यमुना ब्रिज रेलवे स्टेशन के नजदीक माल गोदाम को स्थानांतरित किया गया था। माल गोदाम से कुछ ही दूरी पर महताब बाग और ग्यारह सीढ़ी जैसे स्मारक हैं। इस कारण यहां पर्यटकों का आवागमन बना रहता है।
व्यापारियों को होती है परेशानी
आबादी भी बढ़ रही है। ऐसे में यातायात की समस्या खड़ी हो गई है। आए दिन सड़क हादसे भी होते हैं। यमुना एक्सप्रेसवे की ओर से आने वाले वाहनों का आवागमन हो या फिर वीआईपी का काफिला, अकसर इससे नो एंट्री लागूकर दी जाती है।
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए रेलवे ने कुबेरपुर में माल गोदाम की स्थापना की मगर वहां स्थान पर्याप्त नहीं होने के कारण केवल एक ही रैक लग पाती है।
यमुना ब्रिज माल गोदाम पर आ रही यातायात की समस्या को देखते हुए रेल प्रशासन ने एत्माद्दौला स्मारक की कुछ दूरी पर खाली पड़ी रेलवे की जमीन पर नया माल गोदाम बनाने का प्रस्ताव भेजा है।
ये प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में
नेशनल चैंबर आफ कामर्स के तत्कालीन अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने यमुना ब्रिज माल गोदाम पर यातायात की समस्या से निपटने के लिए यमुना ब्रिज से नुनिहाई की ओर जाने वाले रास्ते को वैकल्पिक रास्ते के रूप में चुने जाने का प्रस्ताव दिया था।
इस पर रेलवे ने भी सहमति जता दी थी, लेकिन कुछ जमीन विद्युत विभाग की थी। इस प्रस्ताव को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। फतेहपुर सीकरी के सांसद चौधरी बाबूलाल ने रुनकता पर नया मालगोदाम बनाए जाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा था।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रुनकता या कीठम के पास माल गोदाम बनाया जाएगा, लेकिन ऐसा तभी संभव है जबकि यहां तीसरी लाइन का कार्य पूरा हो जाए। अभी तीसरी रेल लाइन का कार्य चल रहा है।