बुजुर्ग पिता की आपबीती सुन हैरान रह जाएंगे। बेटे ने ऐसे शब्द बोल दिए, जिससे बुजुर्ग हृदय रोने लगा। बेटी का सहारा लिया, तो वो भी अपनी नहीं हुई। अब बुजुर्ग ने वृद्धाश्रम में शरण ली है।
बचपन में जिन्हें गोद में खिलाया, पालन-पोषण किया, अब वही बेटा कहता है कि आप बूढ़े हो गए हो, हम आपकी सेवा नहीं कर सकते। बाप ने बेटी से कुछ उम्मीद लगाई तो उसने मारपीट शुरू कर दी। स्वाभिमान को चोट पहुंचने पर वह वृद्धाश्रम चले आए।
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ये कहना है सिकंदरा के रामलाल वृद्धाश्रम में रविवार को घायल हालत में पहुंचे भगवानदास गुप्ता का। वह मंडी समिति क्षेत्र के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि मेरे दो बेटे और एक बेटी हैं। अच्छा खासा परिवार है। मेरी उम्र 79 की हो गई है। ज्यादा कुछ कर नहीं पाता। बच्चों से थोड़ी बहुत मदद की आस रहती है।
बेटों को इसमें भी परेशानी होने लगी। इसलिए बेटों ने कह दिया कि पापा अब हम आपकी न तो सेवा कर पाएंगे और न ही खर्चा उठा पाएंगे। बेटी से मदद की उम्मीद लगाई तो उसने भी दुत्कार दिया। रविवार को पानी मांगा तो मेरे सिर में गिलास मार दिया, जिससे चोट लग गई। अब वृद्धाश्रम में ही रहूंगा।