शहरों में सार्वजनिक संपत्तियों, सड़कों के किनारे और डिवाइडरों पर धार्मिक स्थल बनाए जा रहे हैं। ऐसा नहीं कि इन्हें रोकने का कोई प्रावधान नहीं लेकिन जिम्मेदार संस्थाएं आंख बंद करके बैठी हैं। इसकी वजह विकास बाधित हो रहा है और कानून व्यवस्था को भी खतरा पैदा होने लगा है। अब हाईकोर्ट के आदेश से कार्रवाई की उम्मीद जागी है।
आगरा विकास प्राधिकरण, नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी सड़क बनाकर पीठ नहीं फेर पाते उससे पहले डिवाइडर पर धार्मिक स्थल बन जाते हैं। ये धार्मिक स्थल हादसों का सबब बनते हैं। कई लोग तो सार्वजनिक संपत्ति को हड़पने के चक्कर में धार्मिक स्थल बनाकर अतिक्रमण करते हैं। शहर में मारुति एस्टेट रोड, सुल्तानगंज की पुलिया, कमला नगर, इंद्रापुरम, ताजगंज, सिंकदरा, आवास विकास, केदार नगर, दयालबाग क्षेत्र सहित शहर कोई इलाका ऐसा नहीं हैं जहां सड़क और सार्वजनिक संपत्तियों को धार्मिक स्थल न हों। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब ऐसा ही दौर चल पड़ा है।
सिक्स लेन और फ्लाई ओवर निर्माण में बाधा बने धर्मस्थल
नेशनल हाईवे दो को सिक्स लेन में परिवर्तित करने के काम में हाईवे पर बने धर्मस्थल सबसे बड़ा रोड़ा बने हुए हैं। कई धर्मस्थलों को एनएचएआई ने आपसी सहमति और मुआवजा देकर स्थानांतरित करवा लिया है, लेकिन कई अब भी सिरदर्द बने हुए हैं। एनएचएआई ने फ्लाईओवर के निर्माण में बाधा बन रहे खंदारी बाईपास चौराहे पर दो धर्मस्थलों को स्थानांतरित करवा दिया। इसी तरह सुल्तानगंज की पुलिया पर भी एक धर्मस्थल को मुगल रोड की पुलिया पर स्थानांतरित किया जाना है। एनएचएआई ने दूसरा धर्मस्थल भी बनवा दिया, लेकिन अभी तक विवाद है।
‘न्यायालय का निर्णय तो अब आया है मगर इस्लाम में मजहबी तौर पर भी किसी स्थान पर कब्जा करके धर्मस्थल नहीं बनाया जाता है। ऐसा करने वाले गलत हैं। प्राचीन स्थल हैं तो स्थानांतरित कराया जाना चाहिए।’
- मौलाना मोहम्मद उजैर आलम, नायब शहर काजी
‘ऐतिहासिक और संरक्षित श्रेणी में आने वाले धर्मस्थलों को तोड़ा नहीं जा सकता। जनहित में इन्हें स्थानांतरित कराया जा सकता है।’ - संत बाबा प्रीतम सिंह, गुरुद्वारा, गुरु का ताल
‘उच्च न्यायालय का यह फैसला स्वागत योग्य है। अतिक्रमण की नीयत से बनाए जा रहे धार्मिक स्थलों को तोड़े जाना चाहिए।’
योगेश पुरी, महंत मनकामेश्वर महादेव
‘अतिक्रमण करके जहां भी धार्मिक स्थल विकसित किए गए हैं, उनको चिह्नित करने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनी हुई है। नगर निगम की ओर से इस कमेटी को पूरा सहयोग दिया जाएगा।’
इंद्रविक्रम सिंह, नगर आयुक्त
‘हाईकोर्ट के आदेश के संबंध में जानकारी हुई है। इस पर शासनादेश प्राप्त होगा, उसी के आधार सड़कों के किनारे और सार्वजनिक संपत्तियों पर अतिक्रमण कर बनाए गए धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।’
रेखा एस चौहान, सिटी मजिस्ट्रेट
सड़कों, गलियों, चौराहों पर अतिक्रमण करके बनाए गए धार्मिक स्थलों को हटाने के हाईकोर्ट के आदेश का हम स्वागत करते हैं। प्रशासन को चाहिए कि आदेशों का पालन करते हुए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
गोविंद अग्रवाल, अध्यक्ष, आगरा मंडल व्यापार संगठन