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बिना गुरु के प्रभु की जानकारी नहीं हो सकती

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कुसमरा। मानस मंदिर पर सोमवार को साप्ताहिक सत्संग हुआ। मानस मर्मज्ञ मृदुला रामायणी ने कहा कि गुरु के बिना प्रभु की जानकारी नहीं हो सकती। जब गुरु की कृपा से ज्ञान होता है तब ही इंसान का नाम भक्तों की श्रेणी में आता है।
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उन्होंने कहा कि आज भक्त प्रहलाद का नाम इस श्रेणी में आता है उसकी उम्र को नहीं देखा जाता। भक्ति के लिए किसी उम्र की जरूरत नहीं होती। किसी भी उम्र में प्रभु को पाया जा सकता है। छोटी सी उम्र में उन्होंने भगवान की जानकारी की। जब भी होली आती है तो हम उन्हें याद करते हैं। भक्तों की श्रेणी में मीरा का नाम भी आता है।
रब बेरंगा है और बेरूपा है। मिट्टी इसे मैला नहीं कर सकती। पानी इसे भिगो नहीं सकता। यह जल में भी है और थल में भी है। बगैर रब को जाने भक्ति अधूरी होती है। मनुष्य की योनि में आकर ही सतगुरु ने जन-जन का कल्याण किया है। प्रमोद शुक्ला, राम खिलाड़ी शाक्य, हरिश्चंद्र गुप्ता, सुनील दुबे, गौरव दुबे, रमाकांत मिश्रा, गुड्डू सैनी, पिंटू दीक्षित, अनुकूल दुबे, श्रीकृष्ण शर्मा मौजूद रहे।
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