मैनपुरी। रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन है। इस दिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज भी कई बच्चे ऐसे हैं जिन्हें इस दिन के मायने नहीं पता हैं। वह मेहनत मजदूरी करके अपना और परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। वहीं कई बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने छोटी से उम्र में ही एक मुकाम हासिल किया है। अपना और जिले का नाम रोशन करके चाचा नेहरू को श्रद्धांजलि दी है। कई बच्चों ने खेल के क्षेत्र में सफलता को हासिल किया।
जिले के गांव विनायकपुर निवासी रामनरेश यादव की पुत्री वर्षा यादव खेल में जिले का नाम रोशन कर चाचा नेहरू को श्रद्धांजलि दी है। वर्षा यादव ने पिछले साल जूनियर नेशनल वॉलीबाल में प्रतिभाग किया। उन्हें नेशनल प्रतियोगिता के लिए यूपी टीम में स्थान दिया गया था। वर्षा का कहना है कि बच्चों की जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने जनपद और क्षेत्र का नाम रोशन करने के लिए किसी ने किसी क्षेत्र में बेहतर योगदान दें।
घिरोर क्षेत्र के नाहिली निवासी नारायण चौहान सात साल की उम्र से ही शतरंज में जिले का नाम रोशन करने कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में नारायण चौहान अपनी उम्र के उत्तर प्रदेश के प्रथम रेटिंग खिलाड़ी हैं। नारायण चौहान अभी तक 11 नेशनल प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। इसके साथ ही उनके द्वारा दो बार अंडर-9 और अंडर-14 कॉमनवेल्थ शतरंज प्रतियोगिताओं में भाग लिया गया है। इस साल नारायण ने अंडर-16 और अंडर-19 राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं जीती हैं।
बाल मजदूरी पर रोकथाम के लिए कानून बनाया है। इसके बाद भी जिले में कई स्थानों पर बाल मजदूरी देखने को मिल रही है। शहर की दुकानों पर बच्चे पढ़ाई छोड़कर बाल मजदूरी करते हुए देखे जा रह हैं। इसके अतिरिक्त निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के बाद भी कई बच्चों को कूड़ा बीनते हुए देखा जा रहा है। चाय की दुकान, बैंडबाजा, बरातघरों और रेस्टोरेंट में भी बच्चों से काम लिया जा रहा है।