सपा नेता अभिनव शर्मा के गनर पर कालिंदी विहार निवासी बहनों साध्वी और ज्योति पांडेय के साथ रविवार शाम छेड़छाड़ करने के आरोप का मामला मंगलवार सुबह न्यूज चैनलों पर सुर्खियां बनते ही पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में पुलिस की एक टीम दोनों बहनों के पास तहरीर लेने के लिए उनके घर भेजी गई, लेकिन दोनों ने टका सा जवाब देकर एफआईआर दर्ज कराने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा, हमें आगरा पुलिस पर भरोसा नहीं है, अगर पुलिस को कार्रवाई करनी थी, तो उस दिन सपा नेता को क्यों बचाया गया? अब पुलिस किस मुंह से मुकदमा दर्ज कराने के लिए कह रही है? यह सुनकर पुलिस टीम चुपचाप लौट गई।
दोनों के घर सीओ कोतवाली मनीषा सिंह के नेतृत्व में एत्माद्दौला, न्यू आगरा और छत्ता थानों की पुलिस टीम भेजी गई थी। दोनों बहनों का कहना है कि छेड़छाड़ की घटना के बाद मौके पर पहुंची थाना एत्माद्दौला की पुलिस ने भीड़ पर लाठियां फटकारी थीं। उन दोनों को भी धमकाया था। उनसे कहा था कि बदसलूकी तुमने भी की है, तुम्हें मुकदमा दर्ज कर जेल भेज देंगे। जब उन्होंने कहा कि वह छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराएंगी तो पुलिस ने राजीनामे का दबाव बनाया। इसके बाद उन्हे मोबाइल की कीमत दिलवाकर वहां से जाने की सलाह दी थी। सपा नेता के साथी ने उनका मोबाइल तोड़ दिया था। उन्होंने बताया कि वे मोबाइल से सपा नेता के उस सुरक्षाकर्मी का फोटो खींच रहीं थी जिसने छेड़खानी की थी।
बता दें, साध्वी पांडेय अपनी बड़ी बहन ज्योति पांडेय के साथ उनके बेटे को डाक्टर को दिखाने एक्टिवा से कमला नगर जा रहीं थी। उसी समय सौ फुटा रोड पर सपा नेता अभिनव शर्मा का छह गाड़ियों का काफिला गुजर रहा था। काफिले में आगे चल रही जिस्पी में सवार सुरक्षाकर्मी साध्वी को देखकर अश्लील हरकत करता चल रहा था। इस पर साध्वी ने उसका अपने मोबाइल से फोटो खींच लिया था। इसके बाद सपा नेता की गाड़ी को दोनों बहनों ने रोक लिया। झड़प होने पर एक सपा कार्यकर्ता ने साध्वी का मोबाइल छीनकर तोड़ दिया था। इसके बाद जमकर हंगामा हुआ था। गुस्साए लोगों ने जाम भी लगाया था। तब पुलिस ने दोनों बहनों को धमका कर समझौता करा दिया था। उस समय पुलिस का कहना था कि मामला छेड़छाड़ का नहीं बल्कि सपा नेता की गाड़ी से दोनों बहनों के एक्टिवा की टक्कर लग जाने का है।
बदनाम करने की साजिश: अभिनव
लखनऊ तक मामला पहुंचने पर सपा नेता अभिनव शर्मा ने कहा कि मेरे काफिले के साथ चल रहे सुरक्षाकर्मी की दो बहनों के साथ कथित छेड़खानी की घटना का बेहद अफसोस है। हालांकि चलती गाड़ी में ऐसा होना संभव नहीं है। टूटे हुए मोबाइल की पूरी कीमत अदा कर चुका हूं। जहां तक मेरे गाड़ी से नहीं उतरने का सवाल है तो ऐसे मौकों पर सहानुभूति पीड़ित के साथ होती है। भीड़ के हमले के डर से वह गाड़ी से नहीं उतरे। ये घटना उन्हें और पार्टी को बदनाम करने की गहरी राजनीतिक साजिश है, जिसका शीघ्र खुलासा किया जाएगा। भाजपा और उसके सहयोगी दल पार्टी को बदनाम करने में लगे हैं।
तहरीर का इंतजार
युवतियां तहरीर देती हैं तो मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया था।
- राजेश डी. मोदक, एसएसपी
सपा के झंडे, हूटर उतरवाए
सपा का झंडा लगाकर सत्ता का रौब गालिब करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए एसएसपी ने मंगलवार को दोपहर दो से शाम चार बजे तक विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इसमें पुलिस को साफ निर्देश दिए गए कि विभिन्न पार्टियों के झंडे, काली फिल्म, हूटर लगी गाड़ियों को पकड़ने के बाद कार्रवाई करें। इसके बाद पुलिस ने ऐसी गाड़ियों के खिलाफ अभियान शुरू किया। सपा के झंडे लगी कई गाड़ियों के चालान किए।