मैनपुरी के थाना किशनी के गांव रूपपुर में बाल विवाह की सूचना पर पहुंची बाल संरक्षण अधिकारी और किशनी पुलिस ने बालिका वधू की विदाई को रोक दिया। फेरे होने के बाद पहुंचे अधिकारियों ने किशोरी को उसकी मां की सुपुर्दगी में दे दिया है। साथ ही दूल्हे को लड़की के बालिग होने के बाद ही विदा कराने की हिदायत दी है। अधिकारियों के पहुंचने से पहले दूल्हा और दुल्हन के पिता मौके से फरार हो थे।
बता दें कि रूपपुर निवासी राजबहादुर जाटव ने अपनी पुत्री भूरी (15) उर्फ बिट्टन की शादी राकेश उर्फ छोटे पुत्र सूबेदार निवासी कोडर थाना जसराना जिला फिरोजाबाद के साथ तय की थी। दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। भूरी कक्षा तीन और राकेश कक्षा नौ पास है। 10 मई को भूरी की बरात आई। रात को शादी की रस्में पूरी होने के बाद गुरुवार सुबह भूरी की विदा होनी थी।
तभी गांव के ही एक युवक ने गांव में बाल विवाह होने की सूचना बाल संरक्षण अधिकारी अलका मिश्रा को दी। उन्होंने थाना किशनी पुलिस को सूचना देकर विदा रुकवाने को कहा। थाना किशनी पुलिस ने गांव पहुंचकर विदा रुकवा दी। बाल संरक्षण अधिकारी भी गांव पहुंचीं।
तब तक भूरी और राकेश के पिता मौके से गायब हो गए। बाल संरक्षण अधिकारी तथा परामर्शदाता शिवओम ओझा ने दूल्हा दुल्हन सहित दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। बाद में पुलिस दोनों को लेकर बाल संरक्षण कार्यालय पहुंची। भूरी ने बालिग होने तक अपनी मां के पास ही रहने की इच्छा जताई। राकेश ने भी भूरी के बालिग होने पर ही विदा कराने का लिखित आश्वासन दिया।
इस पर बाल संरक्षण कार्यालय ने भूरी को उसकी मां को सौंप दिया गया। हिदायत दी गई कि उसके बालिग होने तक विदा नहीं की जाए तथा उसकी उचित देखभाल की जाए। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रदीप कुमार, सदस्य आराधना गुप्ता, रामप्रताप सिंह चौहान ने भी कार्यालय में दूल्हा-दुल्हन के साथ ही उनके परिवारीजनों की काउंसलिंग की।