दन्नाहार (मैनपुरी)। थाना क्षेत्र के गांव जरामई में अपनी ननिहाल आई दो साल की बच्ची बृहस्पतिवार की सुबह घर के बाहर खेलते समय तालाब में गिर गई। परिजन ने उसे तालाब से बाहर निकाला और जिला अस्पताल ले गए, वहां चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित कर दिया। परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को घर ले गए।
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के गांव नगला ढफा निवासी सत्यम सिंह की ससुराल दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव जरामई में है। शिवरात्रि से पूर्व सत्यम के ससुर बालकराम की मृत्यु हो गई थी। इस दौरान सत्यम की पत्नी संध्या अपनी दो वर्षीय बेटी लाडो व छह माह के बेटे अंश के साथ मायके आई हुई थी। बृहस्पतिवार की बच्ची खेलते हुए अचानक घर से बाहर निकल गई। बच्ची घर पास बने तालाब में जा गिरी। कुछ देर बाद बच्ची को घर में न देख परिजन चिंतित हुए और तलाश शुरू की।
घर के बाहर जाकर देखा तो बच्ची तालाब में पड़ी थी। आनन फानन में बच्ची को बाहर निकालकर परिजन जिला अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। परिजन बच्ची के शव को लेकर जरामई चले गए। बिना पोस्टमार्टम के ही बच्ची के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजन की ओर से पुलिस को भी सूचना नहीं दी गई। थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि हादसे के संबंध में परिजनों की ओर से जानकारी नहीं दी गई है।
शकुन-अपशकुन में न पड़ते तो बच सकती थी जान
दन्नाहार। मध्य प्रदेश के मुरैना क्षेत्र के गांव नगला ढफा निवासी सत्यम उर्फ श्यामू अपनी ससुराल जरामई परिवार सहित आए थे। परिजन के अनुसार वह घर वापस लौटते वाले थे। बुधवार को आठवां दिन पड़ रहा था, जिस वजह से घर वापस जाने का विचार छोड़ दिया गया। वहीं शकुन अपशकुन को देखते हुए बृहस्पतिवार को भी वह लोग घर वापस नहीं जा रहे थे। शुक्रवार को सत्यम अपनी पत्नी संध्या, दो वर्षीय पुत्री लाडो और छह माह के पुत्र अंश के साथ घर लौटने वाले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि बृहस्पतिवार का दिन उन्हें जीवन भर न भूलने वाला दर्द देकर जाएगा। घर के कार्य में व्यस्त परिजनों की नजरों से बचकर लाडो घर के बाहर निकल गई और तालाब में डूब कर उसकी मौत हो गई। पिता सत्यम व मां संध्या के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।