बुजुर्ग का कहना है कि घटना के समय उनका बेटा चंद्रभान उत्तराखंड में था और इसके साक्ष्य मौजूद हैं। वहीं, प्रताप सिंह पर जिस दिन यह आरोप लगाया गया, वे अपने खेतों में गए थे, जहां नरगिस, उसके भाई और मां बकरियों को चरा रहे थे। प्रताप सिंह के विरोध करने पर उन्हें मारपीट का शिकार होना पड़ा। घटना के बाद पुलिस मौके पर आकर प्रताप सिंह को थाने ले आई।
फिलहाल, पुलिस जांच और सबूतों के आधार पर इस केस को हल करने में जुटी है। पीड़ित बुजुर्ग ने अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है।
ज्ञात हो कि हाल ही में आगरा के थाना क्षेत्र के एक गांव में विशेष समुदाय की महिला ने जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगाने और बात ना मानने के एवज़ में खेत पर क़ब्ज़ा करने के बाद बलात्कार और छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए पांच नामज़द व लगभग 20 अज्ञात लोगों पर मुक़दमा दर्ज कराया था। मुकदमे में 95 साल के एक बुजुर्ग को भी दुष्कर्म की धारा में नामजद किया गया है।