मथुरा शहरी क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषित जल को लेकर उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। अवगत कराया कि औद्योगिक क्षेत्र में 17 यूनिट और सरस्वती कुंड पर 20 यूनिट संचालित हैं। संचालकों ने दो अक्तूबर तक सभी यूनिटों में एसटीपी की व्यवस्था का समय लिया है।
डीएम ने निर्देश दिए इसी अवधि में निरीक्षण की कार्रवाई कर ली जाए। जो कमियां हैं दो अक्तूबर से पहले दुरुस्त करा दी जाएं। इससे उद्यमियों को फिर परेशानी न हो। सदस्य दिलीप यादव ने कोसी छाता क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक इकाईयों की स्थिति पर चिंता जाहिर की।